विलोम शब्द (Antonyms) संधि — विग्रह समास — विस्तार अनिवार्य — वैकल्पिक / ऐच्छिक आवश्यक — अनावश्यक जटिल — सरल कुटिल — सरल / सीधा ग्रामवासी — नगरवासी ब्रह्मचर्य — गृहस्थ (या कामाचार) कुख्यात — प्रसिद्ध / सुप्रसिद्ध ऐश्वर्य — दरिद्रता / निर्धनता आरोह — अवरोह तटस्थ — पक्षपाती चिरन्तन- नश्वर उन्मूलन- रोपण निषिद्ध- विहित पृथक- एकत्र उपयोग- अनुपयोग उद्यम- आलस्य कृपण- दानी कृश- हष्ट्र पुष्ट्र उद्धत- विनित प्रसारण- आकुंचन प्रवृत्ति- निवृत्ति विपद- संपद अवनि- अम्बर सदैव- विरद सहोदर- अन्योदर अज्ञ ⇢ विज्ञ / प्रज्ञ अथ ⇢ इति अत्यधिक ⇢ स्वल्प अन्तरंग ⇢ बहिरंग अन्तर्द्वन्द्व ⇢ बहिर्द्वन्द्व अवनति ⇢ उन्नति अवनी ⇢ अम्बर अर्वाचीन ⇢ प्राचीन अल्पज्ञ ⇢ बहुज्ञ अमृत ⇢ विष अनुराग ⇢ विराग अवर ⇢ प्रवर अधम ⇢ उत्तम अनुग्रह ⇢ विग्रह / कोप अपेक्षा ⇢ उपेक्षा अविर्भाव ⇢ तिरोभाव आकर्षण ⇢ विकर्षण आद्य ⇢ अन्त्य आलोक ⇢ तिमिर / अन्धकार आहूत ⇢ अनाहूत आद्र्र (आर्द्र) ⇢ शुष्क आस्था ⇢ अनास्था इहलोक ⇢ पर...
- विलोम शब्द (Antonyms)
- संधि — विग्रह
- समास — विस्तार
- अनिवार्य — वैकल्पिक / ऐच्छिक
- आवश्यक — अनावश्यक
- जटिल — सरल
- कुटिल — सरल / सीधा
- ग्रामवासी — नगरवासी
- ब्रह्मचर्य — गृहस्थ (या कामाचार)
- कुख्यात — प्रसिद्ध / सुप्रसिद्ध
- ऐश्वर्य — दरिद्रता / निर्धनता
- आरोह — अवरोह
- तटस्थ — पक्षपाती
- चिरन्तन- नश्वर
- उन्मूलन- रोपण
- निषिद्ध- विहित
- पृथक- एकत्र
- उपयोग- अनुपयोग
- उद्यम- आलस्य
- कृपण- दानी
- कृश- हष्ट्र पुष्ट्र
- उद्धत- विनित
- प्रसारण- आकुंचन
- प्रवृत्ति- निवृत्ति
- विपद- संपद
- अवनि- अम्बर
- सदैव- विरद
- सहोदर- अन्योदर
- अज्ञ ⇢ विज्ञ / प्रज्ञ
- अथ ⇢ इति
- अत्यधिक ⇢ स्वल्प
- अन्तरंग ⇢ बहिरंग
- अन्तर्द्वन्द्व ⇢ बहिर्द्वन्द्व
- अवनति ⇢ उन्नति
- अवनी ⇢ अम्बर
- अर्वाचीन ⇢ प्राचीन
- अल्पज्ञ ⇢ बहुज्ञ
- अमृत ⇢ विष
- अनुराग ⇢ विराग
- अवर ⇢ प्रवर
- अधम ⇢ उत्तम
- अनुग्रह ⇢ विग्रह / कोप
- अपेक्षा ⇢ उपेक्षा
- अविर्भाव ⇢ तिरोभाव
- आकर्षण ⇢ विकर्षण
- आद्य ⇢ अन्त्य
- आलोक ⇢ तिमिर / अन्धकार
- आहूत ⇢ अनाहूत
- आद्र्र (आर्द्र) ⇢ शुष्क
- आस्था ⇢ अनास्था
- इहलोक ⇢ परलोक
- इप्सित ⇢ अनिप्सित
- उत्कर्ष ⇢ अपकर्ष
- उन्मूलन ⇢ रोपण
- उन्मीलन ⇢ निमीलन
- उत्तपत्तिका ⇢ अधित्यका (पहाड़ की तलहटी और ऊपरी भूमि)
- उद्यमी ⇢ निरुद्यमी
- ऋजु ⇢ वक्र (बहुत बार परीक्षाओं में पूछा गया)
- एकाग्र ⇢ चंचल
- ऐश्वर्य ⇢ अनैश्वर्य
- ओजस्वी ⇢ निस्तेज
- कृतज्ञ ⇢ कृतघ्न (उपकार मानने वाला / न मानने वाला)
- कृत्रिम ⇢ प्राकृतिक / नैसर्गिक
- कृश ⇢ पुष्ट / स्थूल
- कुख्यात ⇢ विख्यात
- कोप ⇢ कृपा
- गणतन्त्र ⇢ राजतन्त्र
- गुरु ⇢ लघु
- चिरन्तन ⇢ नश्वर
- चेतन ⇢ जड़
- जंगम ⇢ स्थावर (यह RO/ARO और TET का सबसे पसंदीदा प्रश्न है)
- तामसिक ⇢ सात्त्विक
- तिमिर ⇢ आलोक / प्रकाश
- तीक्ष्ण ⇢ कुंठित / मंद
- दीर्घायु ⇢ अल्पायु
- दुराचारी ⇢ सदाचारी
- निन्दनीय ⇢ वन्दनीय / प्रशंसनीय
- निर्मल ⇢ मलीन
- निरामिष ⇢ सामिश / आमिष
- परतन्त्र ⇢ स्वतन्त्र
- पाश्चात्य ⇢ पौरस्त्य / पोर्वात्य
- पुण्य ⇢ पाप
- प्रलय ⇢ सृष्टि
- प्रत्यक्ष ⇢ परोक्ष / अप्रत्यक्ष
- प्रफुल्ल ⇢ म्लान
- बंधन ⇢ मोक्ष / मुक्ति
- बर्बर ⇢ सभ्य
- भूगोल ⇢ खगोल
- भौतिक ⇢ आध्यात्मिक
- महात्मा ⇢ दुरात्मा
- मुख्य ⇢ गौण
- मूक ⇢ वाचाल
- यथार्थ ⇢ कल्पित / आदर्श
- राग ⇢ द्वेष / विराग
- विपन्न ⇢ सम्पन्न
- विशिष्ट ⇢ सामान्य
- विस्तार ⇢ संक्षेप
- व्यष्टि ⇢ समष्टि
- शकुन ⇢ अपशकुन
- शोषक ⇢ पोषक
- श्रीगणेश ⇢ इतिश्री (शुरुआत करना / समाप्त करना)
- श्रोता ⇢ वक्ता
- संकीर्ण ⇢ विस्तीर्ण
- सनाथ ⇢ अनाथ
- सज्जन ⇢ दुर्जन
- संश्लेषण ⇢ विश्लेषण
- हर्ष ⇢ शोक / विषाद
- क्षणिक ⇢ शाश्वत
- अंगीकरण ⇢ अनंगीकरण
- अधिमूल्यन ⇢ अवमूल्यन
- अनुमोदन ⇢ विरोध / अननुमोदन
- अपव्यय ⇢ मितव्यय
- अवलम्ब ⇢ निरालम्ब
- आभ्यान्तर ⇢ बाह्य
- उत्तरदायी ⇢ अनुत्तरदायी
- उपार्जित ⇢ अनुपार्जित
- कानूनी ⇢ गैरकानूनी
- गंभीर ⇢ वाचाल / चंचल
- घोषित ⇢ अघोषित
- तटस्थ ⇢ पक्षपाती / संसक्त
- दण्ड ⇢ पुरस्कार
- दीवानी ⇢ फौजदारी
- पक्षपात ⇢ निष्पक्षता
- प्रमाणित ⇢ अप्रमाणित
- वैधानिक ⇢ अवैधानिक
- सदाचार ⇢ दुराचार / कदाचार
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