1-प्रयोग: ट्रांजिट थियोडोलाइट द्वारा प्रत्यक्ष विधि से क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर कोण का मापन उद्देश्य (Aim): ट्रांजिट थियोडोलाइट की सहायता से प्रत्यक्ष विधि द्वारा क्षैतिज (Horizontal) तथा ऊर्ध्वाधर (Vertical) कोणों का मापन करना। आवश्यक उपकरण (Apparatus): ट्रांजिट थियोडोलाइट ट्राइपॉड स्टैंड प्लम्ब बॉब लेवलिंग स्क्रू सिद्धांत (Theory): ट्रांजिट थियोडोलाइट एक सटीक सर्वेक्षण यंत्र है, जिसका उपयोग क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर कोण मापने के लिए किया जाता है। क्षैतिज कोण : दो बिंदुओं के बीच क्षैतिज तल में बना कोण ऊर्ध्वाधर कोण : दृष्टि रेखा (Line of Sight) और क्षैतिज तल के बीच का कोण प्रक्रिया (Procedure): चरण 1: यंत्र की स्थापना (Setting) ट्राइपॉड को जमीन पर मजबूती से स्थापित करें थियोडोलाइट को ट्राइपॉड पर लगाएं प्लम्ब बॉब की सहायता से सेंट्रिंग करें लेवलिंग स्क्रू की मदद से यंत्र को समतल करें चरण 2: क्षैतिज कोण का मापन (Direct Method) दूरबीन (Telescope) को पहले बिंदु (A) पर सेट करें क्षैतिज वृत्त (Horizontal Circle) की रीडिंग नोट करें (प्रारंभिक रीडिंग)...
द्रव गतिकी(Hydrodynamics) Hydrodynamics द्रव यांत्रिकी (Fluid Mechanics) की वह शाखा है, जिसमें बहते हुए तरल (Liquids) जैसे पानी, तेल आदि के गति (motion) और उन पर लगने वाले बल (forces) का अध्ययन किया जाता है। सरल शब्दों में: “जब कोई तरल बह रहा होता है, तो वह कैसे behave करता है — यही Hydrodynamics बताता है।” मुख्य तत्व (Key point) 1. Velocity (वेग) तरल कितनी तेजी से बह रहा है। 2. Pressure (दबाव) तरल अपने आसपास या पाइप की दीवारों पर कितना बल लगा रहा है। 3. Flow Rate (प्रवाह दर) एक निश्चित समय में कितना तरल बह रहा है। 4. Continuity (सततता सिद्धांत) पाइप में जहां area कम होगा, वहां velocity बढ़ेगी और जहां area ज्यादा होगा, वहां velocity कम होगी Bernoulli Principle (महत्वपूर्ण सिद्धांत) जब किसी तरल की गति (velocity) बढ़ती है , तो उसका दबाव (pressure) घटता है । इसे हम ऐसे समझ सकते हैं: पतली पाइप → तेज गति → कम दबाव मोटी पाइप → धीमी गति → ज्यादा दबाव Hydrodynamics के उपयोग (Applications) पानी की सप्लाई (Water Supply Sys...