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एक शब्द के लिए वाक्य

एक शब्द के लिए वाक्य (One Word Substitution) जो कभी न मरे → अमर जो मरने वाला हो → नश्वर जो सब जगह मौजूद हो → सर्वव्यापी जो सब कुछ जानता हो → सर्वज्ञ जो ईश्वर में विश्वास करता हो → आस्तिक जो ईश्वर में विश्वास न करता हो → नास्तिक जो दूसरों का भला करे → परोपकारी जो केवल अपना भला सोचे → स्वार्थी जो डरता न हो → निर्भीक जो सत्य बोलता हो → सत्यवादी 🔹 समाज, प्रशासन और व्यक्तित्व से जुड़े जो शासन करता हो → शासक जो शासन के अधीन हो → प्रजा जो रिश्वत न ले → ईमानदार जो रिश्वत ले → भ्रष्ट जो नियमों का पालन करे → अनुशासित जो नियमों का पालन न करे → अनुशासनहीन 🔹 स्वभाव और गुण-दोष जो जल्दी क्रोध करे → क्रोधी जो कम बोले → मितभाषी जो अधिक बोले → वाचाल जो परिश्रम करता हो → मेहनती जो आलस करे → आलसी जो दया से भरा हो → दयालु 🔹 ज्ञान और अध्ययन से जुड़े जो पढ़ने का शौकीन हो → अध्ययनशील जो बहुत जानकार हो → विद्वान जो अल्प ज्ञान रखता हो → अज्ञानी जो सीखने की इच्छा रखता हो → जिज्ञासु जो इतिहास ...
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तत्सम–तद्भव शब्द

  तत्सम–तद्भव शब्द   1. तत्सम शब्द क्या होते हैं? जो शब्द संस्कृत भाषा से ज्यों-का-त्यों (बिना बदले) हिंदी में आए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। ✔ पहचान शब्द कठिन/शुद्ध लगते हैं उच्चारण संस्कृत जैसा होता है ज़्यादातर किताबों, संविधान, शास्त्रों में मिलते हैं  उदाहरण तत्सम शब्द अर्थ अग्नि आग सूर्य सूरज मुख मुँह अश्रु आँसू हस्त हाथ नेत्र आँख दन्त दाँत कर्ण कान नख नाखून पाद पैर  2. तद्भव शब्द क्या होते हैं? जो शब्द संस्कृत से बदलते-बदलते हिंदी में आसान रूप में आए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। ✔ पहचान बोलचाल की भाषा में ज़्यादा प्रयोग सरल उच्चारण गाँव-देहात, आम भाषा में प्रचलित  उदाहरण तद्भव शब्द मूल तत्सम आग अग्नि सूरज सूर्य मुँह मुख आँसू अश्रु हाथ हस्त आँख नेत्र दाँत दन्त कान कर्ण नाखून नख पैर पाद  3. तत्सम–तद्भव में अंतर (Exam में बहुत पूछा जाता है) आधार तत्सम तद्भव भाषा संस्कृत संस्कृत → प्राकृत → हिंदी रूप शुद्ध बदला हुआ प्रयोग किताब/शास्त्र बोलचाल कठिनाई कठिन आसान  4. PCS + Lekhpal के लिए MOST IMPOR...

संधि क्या है?

  संधि क्या है? दो वर्ण (अक्षर) या शब्दों के आपस में मिलने से जो नया शब्द बनता है, उसे संधि कहते हैं। उदाहरण देव + आलय = देवालय राज + ईश्वर = राजेश्वर  संधि के मुख्य प्रकार  1️⃣ स्वर संधि जब दो स्वरों के मिलने से संधि बने → स्वर संधि 2️⃣ व्यंजन संधि जब स्वर + व्यंजन / व्यंजन + व्यंजन मिलें → व्यंजन संधि 3️⃣ विसर्ग संधि जब शब्द के अंत में ः (विसर्ग) हो → विसर्ग संधि 1️⃣ स्वर संधि (सबसे ज़्यादा पूछी जाती है) (क) दीर्घ संधि अ/आ + अ/आ = आ इ/ई + इ/ई = ई उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ उदाहरण राज + आलय = राजालय विद्या + आलय = विद्यालय गिरि + ईश = गिरीश ट्रिक: समान स्वर मिलें → बड़ा (दीर्घ) स्वर बनता है (ख) गुण संधि पहला स्वर दूसरा स्वर परिणाम अ / आ इ / ई ए अ / आ उ / ऊ ओ अ / आ ऋ अर उदाहरण देव + इन्द्र = देवेन्द्र राज + कुमार = राजकुमार सुर + ऋषि = सुरर्षि ट्रिक: अ + इ = ए अ + उ = ओ (ग) वृद्धि संधि स्वर परिणाम अ + ए ऐ अ + ओ औ उदाहरण राज + ऐश्वर्य = राजैश्वर्य देव + औषधि = देवौषधि ट्रिक: ए से ऐ, ओ से औ (घ) यण संधि इ →...