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द्रव गतिकी(Hydrodynamics)

  द्रव गतिकी(Hydrodynamics)  Hydrodynamics द्रव यांत्रिकी (Fluid Mechanics) की वह शाखा है, जिसमें बहते हुए तरल (Liquids) जैसे पानी, तेल आदि के गति (motion) और उन पर लगने वाले बल (forces) का अध्ययन किया जाता है।  सरल शब्दों में: “जब कोई तरल बह रहा होता है, तो वह कैसे behave करता है — यही Hydrodynamics बताता है।”  मुख्य तत्व (Key point) 1. Velocity (वेग) तरल कितनी तेजी से बह रहा है। 2. Pressure (दबाव) तरल अपने आसपास या पाइप की दीवारों पर कितना बल लगा रहा है। 3. Flow Rate (प्रवाह दर) एक निश्चित समय में कितना तरल बह रहा है। 4. Continuity (सततता सिद्धांत) पाइप में जहां area कम होगा, वहां velocity बढ़ेगी और जहां area ज्यादा होगा, वहां velocity कम होगी  Bernoulli Principle (महत्वपूर्ण सिद्धांत) जब किसी तरल की गति (velocity) बढ़ती है , तो उसका दबाव (pressure) घटता है । इसे हम ऐसे समझ सकते हैं: पतली पाइप → तेज गति → कम दबाव मोटी पाइप → धीमी गति → ज्यादा दबाव  Hydrodynamics के उपयोग (Applications) पानी की सप्लाई (Water Supply System) ...
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Inclined tube sensitive manometer

  Inclined Tube Manometer  ये एक ऐसा pressure नापने का यंत्र है जिसमें एक पतली नली सीधी नहीं बल्कि तिरछी (झुकी हुई) होती है।  क्यों झुकी हुई रखते हैं?  क्योंकि इससे छोटा pressure भी आसानी से दिखता है अगर pipe सीधी हो → liquid थोड़ा सा ही ऊपर जाएगा अगर pipe तिरछी हो → वही liquid ज्यादा लंबा आगे बढ़ेगा इसलिए हमें reading साफ दिखती है  🔹 Working . Pressure लगाया Liquid आगे बढ़ा हम उसकी लंबाई (L) measure करते हैं  यही लंबाई हमें pressure बताती है  formula  P ∝ L P \propto L P ∝ L मतलब: जितना ज्यादा liquid आगे बढ़ेगा उतना ज्यादा pressure होगा  Example  मान लो: सीधी tube में liquid 1 cm बढ़ा Inclined tube में वही liquid 5 cm दिखेगा इसलिए inclined tube ज्यादा sensitive है Inclined tube manometer = छोटा pressure भी बड़ा करके दिखाने वाला instrument.    Basic Pressure Formula P = ρ g h P = \rho g h P = ρ g h जहाँ: P P P = pressure difference ρ \rho ρ = liquid की density...

एक शब्द के लिए वाक्य

एक शब्द के लिए वाक्य (One Word Substitution) जो कभी न मरे → अमर जो मरने वाला हो → नश्वर जो सब जगह मौजूद हो → सर्वव्यापी जो सब कुछ जानता हो → सर्वज्ञ जो ईश्वर में विश्वास करता हो → आस्तिक जो ईश्वर में विश्वास न करता हो → नास्तिक जो दूसरों का भला करे → परोपकारी जो केवल अपना भला सोचे → स्वार्थी जो डरता न हो → निर्भीक जो सत्य बोलता हो → सत्यवादी 🔹 समाज, प्रशासन और व्यक्तित्व से जुड़े जो शासन करता हो → शासक जो शासन के अधीन हो → प्रजा जो रिश्वत न ले → ईमानदार जो रिश्वत ले → भ्रष्ट जो नियमों का पालन करे → अनुशासित जो नियमों का पालन न करे → अनुशासनहीन 🔹 स्वभाव और गुण-दोष जो जल्दी क्रोध करे → क्रोधी जो कम बोले → मितभाषी जो अधिक बोले → वाचाल जो परिश्रम करता हो → मेहनती जो आलस करे → आलसी जो दया से भरा हो → दयालु 🔹 ज्ञान और अध्ययन से जुड़े जो पढ़ने का शौकीन हो → अध्ययनशील जो बहुत जानकार हो → विद्वान जो अल्प ज्ञान रखता हो → अज्ञानी जो सीखने की इच्छा रखता हो → जिज्ञासु जो इतिहास ...

तत्सम–तद्भव शब्द

  तत्सम–तद्भव शब्द   1. तत्सम शब्द क्या होते हैं? जो शब्द संस्कृत भाषा से ज्यों-का-त्यों (बिना बदले) हिंदी में आए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। ✔ पहचान शब्द कठिन/शुद्ध लगते हैं उच्चारण संस्कृत जैसा होता है ज़्यादातर किताबों, संविधान, शास्त्रों में मिलते हैं  उदाहरण तत्सम शब्द अर्थ अग्नि आग सूर्य सूरज मुख मुँह अश्रु आँसू हस्त हाथ नेत्र आँख दन्त दाँत कर्ण कान नख नाखून पाद पैर  2. तद्भव शब्द क्या होते हैं? जो शब्द संस्कृत से बदलते-बदलते हिंदी में आसान रूप में आए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। ✔ पहचान बोलचाल की भाषा में ज़्यादा प्रयोग सरल उच्चारण गाँव-देहात, आम भाषा में प्रचलित  उदाहरण तद्भव शब्द मूल तत्सम आग अग्नि सूरज सूर्य मुँह मुख आँसू अश्रु हाथ हस्त आँख नेत्र दाँत दन्त कान कर्ण नाखून नख पैर पाद  3. तत्सम–तद्भव में अंतर (Exam में बहुत पूछा जाता है) आधार तत्सम तद्भव भाषा संस्कृत संस्कृत → प्राकृत → हिंदी रूप शुद्ध बदला हुआ प्रयोग किताब/शास्त्र बोलचाल कठिनाई कठिन आसान  4. PCS + Lekhpal के लिए MOST IMPOR...