1-प्रयोग: ट्रांजिट थियोडोलाइट द्वारा प्रत्यक्ष विधि से क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर कोण का मापन
उद्देश्य (Aim):
ट्रांजिट थियोडोलाइट की सहायता से प्रत्यक्ष विधि द्वारा क्षैतिज (Horizontal) तथा ऊर्ध्वाधर (Vertical) कोणों का मापन करना।
आवश्यक उपकरण (Apparatus):
- ट्रांजिट थियोडोलाइट
- ट्राइपॉड स्टैंड
- प्लम्ब बॉब
- लेवलिंग स्क्रू
सिद्धांत (Theory):
ट्रांजिट थियोडोलाइट एक सटीक सर्वेक्षण यंत्र है, जिसका उपयोग क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर कोण मापने के लिए किया जाता है।
- क्षैतिज कोण: दो बिंदुओं के बीच क्षैतिज तल में बना कोण
- ऊर्ध्वाधर कोण: दृष्टि रेखा (Line of Sight) और क्षैतिज तल के बीच का कोण
प्रक्रिया (Procedure):
चरण 1: यंत्र की स्थापना (Setting)
- ट्राइपॉड को जमीन पर मजबूती से स्थापित करें
- थियोडोलाइट को ट्राइपॉड पर लगाएं
- प्लम्ब बॉब की सहायता से सेंट्रिंग करें
- लेवलिंग स्क्रू की मदद से यंत्र को समतल करें
चरण 2: क्षैतिज कोण का मापन (Direct Method)
- दूरबीन (Telescope) को पहले बिंदु (A) पर सेट करें
- क्षैतिज वृत्त (Horizontal Circle) की रीडिंग नोट करें (प्रारंभिक रीडिंग)
- अब दूरबीन को दूसरे बिंदु (B) की ओर घुमाएं
- अंतिम रीडिंग नोट करें
👉 क्षैतिज कोण = अंतिम रीडिंग – प्रारंभिक रीडिंग
चरण 3: ऊर्ध्वाधर कोण का मापन (Direct Method)
- दूरबीन को वस्तु (Object) की ओर लक्ष्य करें
- ऊर्ध्वाधर वृत्त (Vertical Circle) की रीडिंग नोट करें
- यदि वस्तु क्षैतिज रेखा से ऊपर है → कोण धनात्मक (+)
- यदि नीचे है → कोण ऋणात्मक (–)
अवलोकन सारणी (Observation Table):
क्षैतिज कोण:
| बिंदु | रीडिंग (डिग्री) |
|---|---|
| A (प्रारंभिक) | θ₁ |
| B (अंतिम) | θ₂ |
👉 कोण = θ₂ – θ₁
ऊर्ध्वाधर कोण:
| बिंदु | कोण |
|---|---|
| वस्तु | θ |
परिणाम (Result):
- बिंदु A और B के बीच क्षैतिज कोण = ____°
- वस्तु का ऊर्ध्वाधर कोण = ____°
सावधानियां (Precautions):
- यंत्र को सही तरीके से समतल करें
- पैरालैक्स त्रुटि को हटाएं
- रीडिंग ध्यान से लें
- ट्राइपॉड को स्थिर रखें
2-प्रयोग का नाम:
Plane Table Survey द्वारा सात भुजाओं वाले बंद ट्रैवर्स (Closed Traverse) का प्लान Radiation Method से बनाना
उद्देश्य (Aim):
Plane table और radiation method की सहायता से सात भुजाओं वाले बंद क्षेत्र (plot) का सही मानचित्र (plan) तैयार करना।
आवश्यक उपकरण (Apparatus):
- Plane Table (ड्राइंग बोर्ड)
- Alidade (एलिडेड)
- Tripod Stand
- Plumbing Fork एवं Plumb Bob
- Spirit Level
- Drawing Sheet
- Pencil, Scale, Eraser
- Compass
सिद्धांत (Theory):
Plane table survey में field work और plotting एक साथ किया जाता है।
Radiation Method में एक station से विभिन्न बिंदुओं (points) तक किरणें (rays) खींची जाती हैं और उनकी दूरी मापकर प्लान बनाया जाता है।
यह विधि छोटे क्षेत्रों और स्पष्ट दिखाई देने वाले points के लिए उपयुक्त होती है।
प्रक्रिया (Procedure):
-
स्टेशन चयन (Selection of Station):
Plot के अंदर या पास एक उपयुक्त स्थान (station O) चुनें, जहाँ से सभी सात बिंदु दिखाई दें। -
Plane Table सेट करना:
Tripod पर plane table को लगाकर उसे leveling करें। -
Centering एवं Orientation:
- Plumb bob की मदद से station के ऊपर सही centering करें
- Compass से table को north दिशा में orient करें
-
Point Mark करना:
Drawing sheet पर station O को एक बिंदु के रूप में mark करें। -
Radiation करना:
- Alidade को O पर रखकर एक-एक करके सभी सात बिंदुओं (A, B, C, D, E, F, G) की ओर sight लें
- हर point की दिशा में एक ray खींचें
-
Distance मापना:
Tape/chain से O से सभी बिंदुओं तक की दूरी मापें -
Plotting करना:
Scale के अनुसार measured distance को rays पर plot करें -
Traverse पूरा करना:
सभी points (A, B, C, D, E, F, G) को आपस में जोड़कर closed traverse बनाएं
सावधानियां (Precautions):
- Table सही तरीके से level और centered हो
- Alidade को सही तरीके से sight करें
- Distance सही और accurate मापें
- Drawing sheet हिले नहीं
- Scale का सही उपयोग करें
परिणाम (Result):
Radiation method द्वारा सात भुजाओं वाले closed traverse का सटीक प्लान तैयार किया गया।
3-Plane Table Survey Practical
(Intersection Method, Resection Method – Two Point & Three Point Problem)
🔷 Aim (उद्देश्य)
Plane Table Survey की सहायता से:
- Intersection Method द्वारा details locate करना
-
Resection Method द्वारा station की position पता करना
- Two Point Problem
- Three Point Problem
🔷 Apparatus (उपकरण)
- Plane Table
- Alidade
- Plumbing Fork & Plumb Bob
- Spirit Level
- Trough Compass
- Drawing Sheet
- Tripod Stand
🔷 Theory (सिद्धांत)
🔹 Plane Table Survey क्या है?
यह एक graphical method है जिसमें field observation और plotting दोनों साथ-साथ किए जाते हैं।
🔹 1. Intersection Method (छेदन विधि)
इस विधि में दो known stations से unknown point को locate किया जाता है।
👉 Principle:
दो अलग-अलग स्थानों से खींची गई रेखाओं का intersection point ही object की सही स्थिति बताता है।
🔹 2. Resection Method (पुनःस्थापन विधि)
इसमें unknown station की position map पर locate की जाती है।
✔ (A) Two Point Problem
जब केवल दो known points हों तो third point की सहायता से position पता करते हैं।
✔ (B) Three Point Problem
जब तीन known points हों तो plane table की position directly fix की जाती है।
🔷 Procedure (प्रक्रिया)
🔶 A. Intersection Method
- दो stations A और B को select करें
- Plane table को A पर set करें
- Centering, Levelling और Orientation करें
- A से object की ओर alidade रखकर ray खींचें
- अब B पर जाएं और वही process दोहराएं
- दोनों rays जहाँ मिलेंगी, वही object की position होगी
🔶 B. Resection Method
✔ (1) Two Point Problem
- Map पर A और B points पहले से plot होने चाहिए
- Field में unknown station P पर plane table लगाएं
- Table को A और B की दिशा में roughly orient करें
- Alidade से A और B की ओर rays खींचें
- Trial and error से orientation सही करें
- Rays के intersection से P की position मिलेगी
✔ (2) Three Point Problem
- Map पर तीन known points A, B, C पहले से plot हों
- Field में unknown station P पर table लगाएं
- Alidade को A, B, C की ओर रखें और rays खींचें
- तीनों rays ideally एक ही point पर मिलेंगी
- यदि नहीं मिलतीं तो Bessel’s method या trial method से सही orientation करें
- Intersection point ही station P होगा
🔷 Precautions (सावधानियाँ)
- Table को सही तरह से level करें
- Centering ठीक से करें
- Orientation सही होना चाहिए
- Alidade को firmly रखें
- Drawing sheet हिले नहीं
🔷 Result (परिणाम)
Plane Table Survey द्वारा:
- Intersection Method से details successfully locate की गई
- Resection Method से station की position सही प्रकार से ज्ञात की गई
4-प्रयोग (Practical): Plane Table Survey द्वारा Traversing Method से प्लान बनाना
उद्देश्य (Aim):
Plane Table Survey की सहायता से Traversing Method द्वारा किसी क्षेत्र (plot) का सर्वेक्षण कर उसका नक्शा (plan) तैयार करना।
आवश्यक उपकरण (Apparatus):
- Plane Table
- Alidade
- Plumbing Fork (U-fork) एवं Plumb Bob
- Spirit Level
- Tripod Stand
- Drawing Sheet
- Compass
- Pencil, Eraser, Scale
सिद्धांत (Theory):
Traversing Method में सर्वेक्षण क्षेत्र को कई स्टेशनों (A, B, C, D...) में बाँटा जाता है।
प्रत्येक स्टेशन से अगले स्टेशन की दिशा में रेखा खींची जाती है और दूरी मापकर नक्शा तैयार किया जाता है।
इस विधि में:
- Plane Table को हर स्टेशन पर सेट किया जाता है
- पिछले स्टेशन की दिशा में orientation लिया जाता है
- अगले स्टेशन की ओर रेखा खींचकर दूरी के अनुसार प्लॉट किया जाता है
प्रक्रिया (Procedure):
Step 1: Table Setting
- Plane Table को Tripod पर लगाकर लगभग समतल करें।
- Spirit Level की सहायता से टेबल को पूरी तरह लेवल करें।
Step 2: Centering
- जिस स्टेशन (A) पर खड़े हैं, उसे drawing sheet पर सही स्थान पर प्लॉट करें।
- Plumbing Fork की सहायता से टेबल को बिल्कुल स्टेशन के ऊपर रखें।
Step 3: Orientation
- Compass या Back Sight की मदद से टेबल को सही दिशा में सेट करें।
Step 4: First Line Drawing
- Alidade को स्टेशन A पर रखकर स्टेशन B की दिशा में sight लें।
- A से B की दिशा में एक रेखा खींचें।
Step 5: Distance Measurement
- A से B की दूरी मापें (chain या tape से)।
- उस दूरी को स्केल के अनुसार नक्शे पर प्लॉट करें।
Step 6: Next Station पर Setup
-
अब स्टेशन B पर जाएँ और वही प्रक्रिया दोहराएँ:
- Centering
- Levelling
- Orientation (A की ओर back sight लेकर)
Step 7: Traverse Complete करना
- इसी प्रकार B से C, C से D… सभी स्टेशनों को जोड़ते जाएँ।
- अंत में traverse को बंद (close) करें (last point को first point से मिलाएँ)।
Step 8: Details Filling
- आसपास के details (road, building, tree आदि) को Alidade की सहायता से locate करें और नक्शे में दिखाएँ।
सावधानियाँ (Precautions):
- Plane Table को हमेशा अच्छी तरह level करें।
- Centering बिल्कुल सही होना चाहिए।
- Orientation में गलती नहीं होनी चाहिए।
- Distance measurement सटीक लें।
- Drawing sheet को हवा या पानी से बचाएँ।
परिणाम (Result):
Traversing Method द्वारा Plane Table Survey का उपयोग करके क्षेत्र का सही एवं संतुलित नक्शा तैयार किया गया।
5-प्रयोग (Practical): EDM द्वारा Horizontal Distance मापना
1. उद्देश्य (Aim)
EDM (Electronic Distance Measurement) उपकरण की सहायता से दो बिंदुओं के बीच क्षैतिज दूरी (Horizontal Distance) को मापना।
2. आवश्यक उपकरण (Apparatus Required)
- EDM Instrument
- Reflector/Prism
- Tripod Stand
- Ranging Rod
- Field Book
3. सिद्धांत (Theory)
EDM (Electronic Distance Measurement) एक आधुनिक सर्वेक्षण विधि है जिसमें विद्युतचुंबकीय तरंगों (Electromagnetic Waves) का उपयोग करके दूरी मापी जाती है।
यह यंत्र तरंगों को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक भेजता है और उनके वापस आने के समय या फेज़ अंतर (Phase Difference) के आधार पर दूरी ज्ञात करता है।
Distance का मूल सिद्धांत:
EDM द्वारा मापी गई दूरी सामान्यतः slope distance होती है, जिसे horizontal distance में बदलने के लिए निम्न सूत्र प्रयोग करते हैं:
जहाँ,
- θ = Vertical angle
4. प्रक्रिया (Procedure)
- सबसे पहले EDM instrument को एक बिंदु (Station A) पर tripod की सहायता से सेट करें।
- Instrument को ठीक से level और center करें।
- दूसरे बिंदु (Station B) पर prism/reflector को खड़ा करें।
- EDM को reflector की ओर target करें।
- Instrument को ON करके measurement mode select करें।
- Distance measure करने के लिए button दबाएँ।
- Display पर प्राप्त slope distance और vertical angle नोट करें।
- यदि आवश्यक हो तो horizontal distance की गणना करें।
5. प्रेक्षण तालिका (Observation Table)
| Station A | Station B | Slope Distance (m) | Vertical Angle (θ) | Horizontal Distance (m) |
|---|---|---|---|---|
| A | B |
6. गणना (Calculation)
(प्राप्त मानों को सूत्र में रखकर गणना करें)
7. परिणाम (Result)
EDM द्वारा मापी गई दो बिंदुओं के बीच क्षैतिज दूरी = ______ मीटर
8. सावधानियाँ (Precautions)
- Instrument को ठीक से leveling करना आवश्यक है।
- Reflector सही दिशा में होना चाहिए।
- Measurement के समय बीच में कोई अवरोध (Obstacle) नहीं होना चाहिए।
- मौसम (Fog, Rain) का असर measurement पर पड़ सकता है।
6-प्रयोग संख्या (Experiment No.)
टोटल स्टेशन द्वारा क्षैतिज दूरी मापन
उद्देश्य (Aim)
टोटल स्टेशन यंत्र की सहायता से दो बिंदुओं के बीच क्षैतिज दूरी मापना।
आवश्यक उपकरण (Apparatus)
- टोटल स्टेशन
- ट्राइपॉड स्टैंड
- प्रिज्म एवं प्रिज्म पोल
- माप टेप
- फील्ड बुक
सिद्धांत (Theory)
टोटल स्टेशन एक आधुनिक सर्वेक्षण यंत्र है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक दूरी मापन (EDM) और थियोडोलाइट दोनों के गुण होते हैं।
यह यंत्र लेजर या इन्फ्रारेड किरणों की सहायता से दूरी मापता है।
क्षैतिज दूरी निम्न सूत्र से ज्ञात की जाती है:
जहाँ
- ढाल दूरी = यंत्र द्वारा मापी गई दूरी
- θ = ऊर्ध्व कोण (Vertical Angle)
प्रक्रिया (Procedure)
- सर्वेक्षण स्थल पर ट्राइपॉड को मजबूती से स्थापित करें।
- टोटल स्टेशन को ट्राइपॉड पर लगाकर सही प्रकार से सेंटरिंग और लेवलिंग करें।
- यंत्र को चालू करके आवश्यक सेटिंग (इकाई, प्रिज्म कॉन्स्टेंट आदि) सेट करें।
- जिस बिंदु की दूरी मापनी है, वहाँ प्रिज्म पोल को सीधा खड़ा करें।
- टोटल स्टेशन को प्रिज्म पर लक्ष्य (Aim) करके फोकस ठीक करें।
- मापन बटन दबाएँ, जिससे ढाल दूरी और ऊर्ध्व कोण प्राप्त होगा।
- यंत्र स्वतः क्षैतिज दूरी प्रदर्शित कर देता है।
- सभी रीडिंग को फील्ड बुक में लिख लें।
प्रेक्षण तालिका (Observation Table)
| स्टेशन | लक्ष्य बिंदु | ढाल दूरी (मीटर) | ऊर्ध्व कोण | क्षैतिज दूरी (मीटर) |
|---|---|---|---|---|
| A | B |
गणना (Calculation)
यदि यंत्र सीधे क्षैतिज दूरी न बताए, तो:
परिणाम (Result)
टोटल स्टेशन की सहायता से बिंदु A और B के बीच क्षैतिज दूरी _______ मीटर पाई गई।
सावधानियाँ (Precautions)
- यंत्र की लेवलिंग सही होनी चाहिए।
- प्रिज्म पोल बिल्कुल सीधा होना चाहिए।
- लक्ष्य (Aim) सही और स्पष्ट होना चाहिए।
- यंत्र को हिलने न दें।
- मापन के समय मौसम (बारिश/धुंध) का ध्यान रखें।
7-प्रयोग (Practical): Total Station द्वारा Vertical Angle मापन
उद्देश्य (Aim):
Total Station उपकरण की सहायता से किसी बिंदु के बीच ऊर्ध्वाधर कोण (Vertical Angle) को मापना।
आवश्यक उपकरण (Apparatus):
- Total Station
- Tripod Stand
- Prism एवं Prism Rod
- Field Book / नोटबुक
- Pencil / Pen
सिद्धांत (Theory):
Total Station एक आधुनिक सर्वेक्षण उपकरण है जो Electronic Distance Measurement (EDM) और Theodolite का संयोजन होता है।
Vertical Angle वह कोण है जो क्षैतिज तल (Horizontal Plane) और लक्ष्य बिंदु (Target Point) के बीच बनता है।
इसे Zenith Angle या Elevation Angle के रूप में मापा जाता है।
प्रक्रिया (Procedure):
- सबसे पहले Tripod को जमीन पर मजबूती से स्थापित करें।
- Total Station को Tripod पर फिट करें और Centering तथा Levelling करें।
- उपकरण को ON करें और आवश्यक सेटिंग्स (Angle Mode) चुनें।
- Horizontal circle को 0° पर सेट करें।
- Telescope को Target (Prism) की ओर घुमाएँ।
- Focus को सही से adjust करें ताकि target साफ दिखाई दे।
- Vertical angle reading को स्क्रीन पर देखें।
- Reading को Field Book में लिख लें।
- अधिक सटीकता के लिए Face Left (FL) और Face Right (FR) दोनों में reading लें।
- दोनों readings का औसत निकालें।
प्रेक्षण तालिका (Observation Table):
| क्रम संख्या | Face | Vertical Angle |
|---|---|---|
| 1 | FL | θ₁ |
| 2 | FR | θ₂ |
| औसत | (θ₁ + θ₂)/2 |
गणना (Calculation):
औसत Vertical Angle = (FL + FR) / 2
सावधानियाँ (Precautions):
- Instrument की Proper Levelling और Centering करें।
- Prism को सीधा और स्थिर रखें।
- Reading लेते समय Telescope को हिलने न दें।
- Parallax error को हटाने के लिए सही focus करें।
परिणाम (Result):
Total Station की सहायता से मापा गया Vertical Angle = _______
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