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Hydrodynamics practical

 प्रयोग का नाम:

पाइजोमीटर द्वारा किसी बिंदु पर दाब (Pressure) मापना

उद्देश्य (Aim)

पाइजोमीटर ट्यूब की सहायता से पाइप के किसी दिए गए बिंदु पर दाब (Pressure head) ज्ञात करना।

उपकरण (Apparatus)

  • पाइजोमीटर ट्यूब
  • पानी की टंकी
  • पाइप (जिसमें प्रेशर टैपिंग हो)
  • स्केल (Scale)
  • मापने का फीता

सिद्धांत (Theory)

पाइजोमीटर एक सीधी (vertical) पारदर्शी ट्यूब होती है जिसे पाइप के किसी बिंदु पर लगाया जाता है।
इस ट्यूब में पानी जिस ऊँचाई तक उठता है, वही उस बिंदु का दाब शीर्ष (Pressure Head) कहलाता है।

दाब का सूत्र:

P=ρghP = \rho g h

जहाँ,

  • PP = दाब (N/m²)
  • ρ\rho = पानी का घनत्व (1000 kg/m³)
  • gg = गुरुत्व त्वरण (9.81 m/s²)
  • hh = पानी की ऊँचाई (मीटर में)

प्रक्रिया (Procedure)

  1. पाइजोमीटर ट्यूब को पाइप के दिए गए बिंदु पर जोड़ें।
  2. पानी की सप्लाई चालू करें।
  3. ट्यूब में पानी को स्थिर (stable) होने दें।
  4. डेटम लाइन से पानी की ऊँचाई (h) नापें।
  5. प्राप्त ऊँचाई को सूत्र में रखकर दाब ज्ञात करें।

अवलोकन तालिका (Observation Table)

क्रम संख्याऊँचाई h (मीटर)दाब P = ρgh (N/m²)
10.25 m2452.5 N/m²
20.27 m2648.7 N/m²
30.26 m2550.6 N/m²

नमूना गणना (Sample Calculation)

पहली रीडिंग के लिए:

h=0.25mh = 0.25 m P=1000×9.81×0.25P = 1000 \times 9.81 \times 0.25 P=2452.5  N/m2P = 2452.5\; N/m^2

परिणाम (Result)

दिए गए बिंदु पर दाब लगभग:

P2550  N/m2P \approx 2550\; N/m^2

सावधानियाँ (Precautions)

  • पाइजोमीटर ट्यूब पूरी तरह सीधी (vertical) होनी चाहिए।
  • ट्यूब में हवा के बुलबुले नहीं होने चाहिए।
  • पानी स्थिर होने के बाद ही रीडिंग लें।
  • स्केल सही तरीके से लगाकर माप करें।  


2- प्रयोग का नाम:

यू-ट्यूब डिफरेंशियल मैनोमीटर द्वारा दो बिंदुओं के बीच दाब अंतर मापना


उद्देश्य:

दो बिंदुओं (Point A और Point B) के बीच दाब का अंतर ज्ञात करना।


उपकरण (Apparatus):

  • U-ट्यूब डिफरेंशियल मैनोमीटर
  • मैनोमेट्रिक द्रव (पानी/पारा)
  • पाइप/टैंक
  • स्केल

सिद्धांत (Theory):

यू-ट्यूब मैनोमीटर में द्रव के स्तम्भ की ऊँचाई का अंतर (h), दोनों बिंदुओं के दाब के अंतर के समानुपाती होता है।

ΔP=ρgh\Delta P = \rho g h

जहाँ:

  • ΔP\Delta P = दाब का अंतर
  • ρ\rho = द्रव का घनत्व
  • gg = गुरुत्व त्वरण
  • hh = ऊँचाई का अंतर

प्रक्रिया (Procedure):

  1. U-ट्यूब मैनोमीटर को सीधा (vertical) रखें।
  2. दोनों सिरों को बिंदु A और B से जोड़ें।
  3. मैनोमीटर में द्रव भरें।
  4. सिस्टम को स्थिर होने दें।
  5. दोनों स्तम्भों की ऊँचाई (h₁ और h₂) नापें।
  6. ऊँचाई का अंतर (h = h₁ − h₂) निकालें।
  7. सूत्र से दाब अंतर ज्ञात करें।

रीडिंग (Observation Table):

क्रम संख्याh₁ (cm)h₂ (cm)h = h₁ - h₂ (cm)h (m)ΔP (N/m²)
12515100.10981
22816120.121177.2
33015150.151471.5

गणना (Calculation):

पहली रीडिंग के लिए:

ΔP=1000×9.81×0.10=981N/m2\Delta P = 1000 \times 9.81 \times 0.10 = 981 \, N/m^2

इसी प्रकार अन्य रीडिंग के लिए भी गणना की गई।


परिणाम (Result):

Average DeltaP=frac981+1177.2+1471.53=1209.9N/m2\text{Average } \\Delta P = \\frac{981 + 1177.2 + 1471.5}{3} = 1209.9 \, N/m^2

अतः दो बिंदुओं के बीच औसत दाब अंतर लगभग 1210 N/m² पाया गया।


सावधानियाँ (Precautions):

  • मैनोमीटर को हमेशा सीधा रखें।
  • एयर बबल न होने दें।
  • रीडिंग आँख के स्तर से लें।
  • सही घनत्व का उपयोग करें। 

3- प्रयोग का नाम

उद्देश्य (Aim):

Reynolds Apparatus की सहायता से यह निर्धारित करना कि प्रवाह Laminar (स्तरीय), Transitional (संक्रमण) या Turbulent (अशांत) है।


उपकरण (Apparatus):

  • Reynolds Apparatus
  • Dye (रंगीन स्याही)
  • Measuring Tank
  • Stopwatch
  • Scale (मापनी)

सिद्धांत (Theory):

प्रवाह का प्रकार Reynolds Number (Re) से निर्धारित किया जाता है:

Re=ρVDμRe = \frac{\rho V D}{\mu}

जहाँ—

  • ρ = द्रव का घनत्व
  • V = द्रव की वेग
  • D = पाइप का व्यास
  • μ = श्यानता (viscosity)

Flow का प्रकार:

  • Re < 2000 → Laminar Flow
  • 2000 < Re < 4000 → Transitional Flow
  • Re > 4000 → Turbulent Flow

प्रक्रिया (Procedure):

  1. Apparatus को साफ पानी से भरें।
  2. Dye (रंगीन स्याही) को inlet से धीरे-धीरे प्रवाहित करें।
  3. वाल्व को थोड़ा खोलें और पानी का प्रवाह शुरू करें।
  4. Dye की लाइन को ध्यान से देखें:
    • सीधी रेखा → Laminar flow
    • हल्की टूटन → Transitional flow
    • पूरी तरह फैल जाना → Turbulent flow
  5. पानी को Measuring Tank में एक निश्चित समय (t) में एकत्र करें।
  6. एकत्र पानी का आयतन (V) नोट करें।
  7. इसी प्रक्रिया को अलग-अलग flow rate पर दोहराएँ।

पर्यवेक्षण तालिका (Observation Table):

क्र.संसमय (t) सेकंडपानी का आयतन (L)प्रवाह प्रकार
1105Laminar
21010Transitional
31020Turbulent

गणना (Calculation):

  1. Discharge (Q) = Volume / Time
  2. Velocity (V) = Q / Area

(जहाँ Area = πD²/4)

  1. Reynolds Number निकालें और flow type निर्धारित करें।

रीडिंग (Reading):

  • कम flow पर Dye सीधी रेखा में बहती है → Laminar Flow
  • मध्यम flow पर Dye टूटने लगती है → Transitional Flow
  • अधिक flow पर Dye फैल जाती है → Turbulent Flow

परिणाम (Result):

Reynolds Apparatus द्वारा विभिन्न flow rates पर प्रवाह का प्रकार ज्ञात किया गया और Reynolds Number के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि प्रवाह Laminar, Transitional या Turbulent हो सकता है।    


4-प्रयोग का नाम

Venturimeter को calibrate करके पाइप में discharge ज्ञात करना


उद्देश्य

Venturimeter की सहायता से पाइप में बहने वाले पानी का वास्तविक discharge (Q) तथा coefficient of discharge (Cd) ज्ञात करना


उपकरण

Venturimeter
Differential manometer
Measuring tank
Stopwatch
Scale


सिद्धांत

Venturimeter पाइप में flow मापने का उपकरण है जो Bernoulli’s theorem पर आधारित है

Theoretical discharge का सूत्र:

Q = A2 × √[2gh / (1 − (A2/A1)²)]

जहाँ
Q = discharge
A1 = inlet area
A2 = throat area
h = head difference
g = gravity

Actual discharge:
Q = Volume / Time

Coefficient of discharge:
Cd = Qactual / Qtheoretical


प्रक्रिया

  1. Venturimeter को पाइप में फिट करें
  2. पानी का flow चालू करें
  3. Manometer का level difference (h) नोट करें
  4. Measuring tank में पानी इकट्ठा करें
  5. निश्चित समय (t) में volume (V) मापें
  6. 3–4 बार reading लें

ऑब्जर्वेशन टेबल

S.No | h (m) | t (sec) | V (m³) | Qactual (m³/s) | Qtheoretical (m³/s) | Cd
1 | 0.20 | 30 | 0.025 | 0.00083 | 0.00090 | 0.92
2 | 0.25 | 28 | 0.026 | 0.00093 | 0.00100 | 0.93
3 | 0.30 | 25 | 0.027 | 0.00108 | 0.00115 | 0.94


गणना

Qactual = V / t

Qtheoretical = formula से निकालें

Cd = Qactual / Qtheoretical


परिणाम

Venturimeter का coefficient of discharge लगभग 0.92 से 0.94 पाया गया


सावधानियाँ

Manometer में हवा नहीं होनी चाहिए
Leakage नहीं होना चाहिए
Flow steady होना चाहिए
Time और volume सही लें


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