वैयक्तिक विभिन्नता क्या है? (Individual Differences) दुनिया में कोई भी दो इंसान 100% एक जैसे नहीं होते। यहाँ तक कि एक ही माता-पिता के दो जुड़वां बच्चे भी रंग-रूप, दिमाग या स्वभाव में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं। इसी अंतर को साइकोलॉजी में वैयक्तिक विभिन्नता कहते हैं। उदाहरण : मान लीजिए दो सगे भाई हैं—एक भाई बहुत शांत रहता है और उसे गणित पढ़ना पसंद है, जबकि दूसरे भाई को बस घूमना, बातें करना और क्रिकेट खेलना पसंद है। भगवान ने दोनों को अलग बनाया है, और यही वैयक्तिक विभिन्नता है! एग्जाम के लिए सबसे जरूरी बातें (इतिहास) परीक्षा में यहाँ से सीधे सवाल पूछे जाते हैं, इन्हें जरूर याद रखें: सबसे पहला अध्ययन: वैयक्तिक विभिन्नता का सबसे पहला वैज्ञानिक अध्ययन सर फ्रांसिस गाल्टन ने किया था। (इन्हें इस टॉपिक का जनक/हीरो मान लीजिए)। महत्वपूर्ण वर्ष: इन्होंने यह अध्ययन साल 1869 में किया था। प्रसिद्ध किताब: गाल्टन ने एक बहुत मशहूर किताब लिखी थी जिसका नाम है ' हेरेडिटरी जीनियस ' (Hereditary Genius)। परीक्षा में यह नाम बार-बार आता है। अन्य मनोवैज्ञानिक: गाल्टन के अलावा पियर्सन , बिने और टर...
वैयक्तिक विभिन्नता क्या है? (Individual Differences) दुनिया में कोई भी दो इंसान 100% एक जैसे नहीं होते। यहाँ तक कि एक ही माता-पिता के दो जुड़वां बच्चे भी रंग-रूप, दिमाग या स्वभाव में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं। इसी अंतर को साइकोलॉजी में वैयक्तिक विभिन्नता कहते हैं। उदाहरण : मान लीजिए दो सगे भाई हैं—एक भाई बहुत शांत रहता है और उसे गणित पढ़ना पसंद है, जबकि दूसरे भाई को बस घूमना, बातें करना और क्रिकेट खेलना पसंद है। भगवान ने दोनों को अलग बनाया है, और यही वैयक्तिक विभिन्नता है! एग्जाम के लिए सबसे जरूरी बातें (इतिहास) परीक्षा में यहाँ से सीधे सवाल पूछे जाते हैं, इन्हें जरूर याद रखें: सबसे पहला अध्ययन: वैयक्तिक विभिन्नता का सबसे पहला वैज्ञानिक अध्ययन सर फ्रांसिस गाल्टन ने किया था। (इन्हें इस टॉपिक का जनक/हीरो मान लीजिए)। महत्वपूर्ण वर्ष: इन्होंने यह अध्ययन साल 1869 में किया था। प्रसिद्ध किताब: गाल्टन ने एक बहुत मशहूर किताब लिखी थी जिसका नाम है ' हेरेडिटरी जीनियस ' (Hereditary Genius)। परीक्षा में यह नाम बार-बार आता है। अन्य मनोवैज्ञानिक: गाल्टन के अलावा पियर्सन , बिने और टर...