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Up lekhpal hindi Full syllabus (New)

 

वर्ण विचार – स्वर, व्यंजन

वर्ण विचार हिंदी व्याकरण का एक प्रमुख विषय है। इसमें वर्णों के भेद, स्वर तथा व्यंजन का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। यह विषय उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा में नियमित रूप से पूछा जाता है।


1. वर्ण

भाषा की सबसे छोटी ध्वनि इकाई को वर्ण कहा जाता है।
हिंदी वर्णमाला के दो मुख्य भाग होते हैं—

  1. स्वर

  2. व्यंजन


2. स्वर

परिभाषा

जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता से होता है, उन्हें स्वर कहते हैं।

हिंदी के स्वर

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः

कुल स्वर – 13


2.1 उच्चारण के आधार पर स्वर

  • ह्रस्व स्वर – अ, इ, उ, ऋ

  • दीर्घ स्वर – आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

  • प्लुत स्वर – अत्यधिक लंबा उच्चारण (सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं पूछा जाता)


2.2 स्वर की मात्राएँ

स्वरमात्रा
ि
अं
अः

अ की कोई मात्रा नहीं होती।


3. व्यंजन

परिभाषा

जिन वर्णों का उच्चारण स्वर की सहायता से होता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं।

कुल व्यंजन – 33


3.1 वर्गीय व्यंजन (25)

वर्गव्यंजन
क वर्गक ख ग घ ङ
च वर्गच छ ज झ ञ
ट वर्गट ठ ड ढ ण
त वर्गत थ द ध न
प वर्गप फ ब भ म

3.2 अवर्गीय व्यंजन (8)

य, र, ल, व, श, ष, स, ह


3.3 अन्तःस्थ व्यंजन

य, र, ल, व

3.4 ऊष्म व्यंजन

श, ष, स, ह


3.5 अल्पप्राण और महाप्राण व्यंजन

  • अल्पप्राण – क, ग, च, ज, ट, ड, त, द, प, ब

  • महाप्राण – ख, घ, छ, झ, ठ, ढ, थ, ध, फ, भ


4. हिंदी वर्णमाला

  • स्वर – 13

  • व्यंजन – 33

कुल वर्ण – 46


वस्तुनिष्ठ प्रश्न (100 प्रश्न)


स्वर से संबंधित प्रश्न 

1. हिंदी में कुल स्वर कितने हैं?
क) 11 ख) 12 ग) 13 घ) 14
उत्तर – ग

2. किस स्वर की कोई मात्रा नहीं होती?
क) आ ख) इ ग) अ घ) उ
उत्तर – ग

3. ‘ऋ’ किस प्रकार का स्वर है?
क) दीर्घ ख) ह्रस्व ग) प्लुत घ) संयुक्त
उत्तर – ख

4. ‘अं’ क्या कहलाता है?
क) विसर्ग ख) अनुस्वार ग) मात्रा घ) हलन्त
उत्तर – ख

5. ‘ः’ किसका चिह्न है?
क) अनुस्वार ख) विसर्ग ग) नुक्ता घ) मात्रा
उत्तर – ख

6. ‘ै’ किस स्वर की मात्रा है?
क) ए ख) ऐ ग) ओ घ) औ
उत्तर – ख

7. दीर्घ स्वर कौन-सा है?
क) अ ख) इ ग) उ घ) ई
उत्तर – घ

8. ह्रस्व स्वर नहीं है—
क) अ ख) इ ग) उ घ) ए
उत्तर – घ

9. ‘ौ’ मात्रा किस स्वर की है?
क) ओ ख) औ ग) ऐ घ) ए
उत्तर – ख

10. ‘ं’ को क्या कहते हैं?
क) विसर्ग ख) अनुस्वार ग) नुक्ता घ) हलन्त
उत्तर – ख

41. हिंदी में कुल व्यंजन कितने हैं?
क) 31 ख) 32 ग) 33 घ) 34
उत्तर – ग

42. ‘क’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) क वर्ग ख) च वर्ग ग) ट वर्ग घ) प वर्ग
उत्तर – क

43. ‘ङ’ किस वर्ग में आता है?
क) क ख) च ग) ट घ) त
उत्तर – क

44. ‘ञ’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) क ख) च ग) ट घ) प
उत्तर – ख

45. ‘ण’ किस वर्ग का है?
क) ट ख) त ग) क घ) प
उत्तर – क

46. ‘य’ कौन-सा व्यंजन है?
क) ऊष्म ख) अन्तःस्थ ग) वर्गीय घ) स्पर्श
उत्तर – ख

47. ‘श’ किस श्रेणी में आता है?
क) वर्गीय ख) अन्तःस्थ ग) ऊष्म घ) अल्पप्राण
उत्तर – ग

48. ‘ख’ कैसा व्यंजन है?
क) अल्पप्राण ख) महाप्राण ग) ऊष्म घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ख

49. ‘प’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) त ख) क ग) प घ) च
उत्तर – ग

50. ‘ह’ कौन-सा व्यंजन है?
क) अन्तःस्थ ख) वर्गीय ग) ऊष्म घ) स्पर्श
उत्तर – ग


 प्रश्न (51–100)

51. ‘घ’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) क वर्ग ख) च वर्ग ग) ट वर्ग घ) त वर्ग
उत्तर – क

52. ‘झ’ किस वर्ग में आता है?
क) क ख) च ग) ट घ) त
उत्तर – ख

53. ‘ठ’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) च ख) ट ग) त घ) प
उत्तर – ख

54. ‘ढ’ किस वर्ग में रखा गया है?
क) क ख) च ग) ट घ) त
उत्तर – ग

55. ‘थ’ किस वर्ग का व्यंजन है?
क) ट ख) त ग) प घ) क
उत्तर – ख

56. ‘भ’ किस वर्ग में आता है?
क) प ख) त ग) क घ) च
उत्तर – क

57. ‘म’ किस वर्ग का अंतिम व्यंजन है?
क) क ख) च ग) ट घ) प
उत्तर – घ

58. क वर्ग का पंचम वर्ण कौन-सा है?
क) क ख) घ ग) ङ घ) ग
उत्तर – ग

59. च वर्ग का पंचम वर्ण कौन-सा है?
क) च ख) झ ग) ञ घ) ज
उत्तर – ग

60. ट वर्ग का पंचम वर्ण कौन-सा है?
क) ड ख) ढ ग) ण घ) ठ
उत्तर – ग

61. त वर्ग का पंचम वर्ण कौन-सा है?
क) न ख) ध ग) द घ) थ
उत्तर – क

62. प वर्ग का पंचम वर्ण कौन-सा है?
क) ब ख) भ ग) म घ) फ
उत्तर – ग

63. ‘र’ कौन-सा व्यंजन है?
क) ऊष्म ख) अन्तःस्थ ग) वर्गीय घ) स्पर्श
उत्तर – ख

64. ‘ल’ किस श्रेणी में आता है?
क) ऊष्म ख) अन्तःस्थ ग) वर्गीय घ) अल्पप्राण
उत्तर – ख

65. ‘व’ कौन-सा व्यंजन है?
क) ऊष्म ख) अन्तःस्थ ग) वर्गीय घ) महाप्राण
उत्तर – ख

66. ‘ष’ किस प्रकार का व्यंजन है?
क) वर्गीय ख) अन्तःस्थ ग) ऊष्म घ) अल्पप्राण
उत्तर – ग

67. ‘स’ किस श्रेणी में आता है?
क) अन्तःस्थ ख) वर्गीय ग) ऊष्म घ) स्पर्श
उत्तर – ग

68. ऊष्म व्यंजन कितने होते हैं?
क) 3 ख) 4 ग) 5 घ) 6
उत्तर – ख

69. अन्तःस्थ व्यंजन कितने हैं?
क) 2 ख) 3 ग) 4 घ) 5
उत्तर – ग

70. ‘ख’ किस प्रकार का व्यंजन है?
क) अल्पप्राण ख) महाप्राण ग) ऊष्म घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ख

71. ‘ग’ किस प्रकार का व्यंजन है?
क) महाप्राण ख) ऊष्म ग) अल्पप्राण घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ग

72. ‘छ’ कैसा व्यंजन है?
क) अल्पप्राण ख) महाप्राण ग) ऊष्म घ) नासिक्य
उत्तर – ख

73. ‘ड’ किस श्रेणी में आता है?
क) महाप्राण ख) अल्पप्राण ग) ऊष्म घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ख

74. ‘ध’ कौन-सा व्यंजन है?
क) अल्पप्राण ख) महाप्राण ग) ऊष्म घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ख

75. ‘फ’ किस प्रकार का व्यंजन है?
क) अल्पप्राण ख) महाप्राण ग) ऊष्म घ) नासिक्य
उत्तर – ख

76. ‘ब’ किस प्रकार का व्यंजन है?
क) महाप्राण ख) ऊष्म ग) अल्पप्राण घ) अन्तःस्थ
उत्तर – ग

77. नासिक्य व्यंजन कौन-से हैं?
क) ङ, ञ, ण, न, म
ख) य, र, ल, व
ग) श, ष, स, ह
घ) क, च, ट, त, प
उत्तर – क

78. वर्गीय व्यंजन कितने होते हैं?
क) 20 ख) 25 ग) 30 घ) 33
उत्तर – ख

79. अवर्गीय व्यंजन कितने हैं?
क) 6 ख) 7 ग) 8 घ) 9
उत्तर – ग

80. ‘ह’ का स्थान कौन-सा है?
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) दन्त
उत्तर – क

81. ‘क’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) ओष्ठ
उत्तर – क

82. ‘च’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) ओष्ठ
उत्तर – ख

83. ‘ट’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) दन्त
उत्तर – ग

84. ‘त’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) मूर्धा ग) दन्त घ) ओष्ठ
उत्तर – ग

85. ‘प’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) ओष्ठ
उत्तर – घ

86. ‘य’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) दन्त घ) ओष्ठ
उत्तर – ख

87. ‘र’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) मूर्धा ग) दन्त घ) तालु
उत्तर – ख

88. ‘ल’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) दन्त घ) ओष्ठ
उत्तर – ग

89. ‘व’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) दन्त ग) ओष्ठ घ) तालु
उत्तर – ग

90. ‘श’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) दन्त
उत्तर – ख

91. ‘ष’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) दन्त
उत्तर – ग

92. ‘स’ का उच्चारण स्थान है—
क) कंठ ख) तालु ग) मूर्धा घ) दन्त
उत्तर – घ

93. ‘ह’ किस श्रेणी का व्यंजन है?
क) वर्गीय ख) अन्तःस्थ ग) ऊष्म घ) नासिक्य
उत्तर – ग

94. हिंदी वर्णमाला में कुल वर्ण कितने हैं?
क) 44 ख) 45 ग) 46 घ) 47
उत्तर – ग

95. स्वर और व्यंजन का संयुक्त नाम क्या है?
क) ध्वनि ख) शब्द ग) वर्ण घ) अक्षर
उत्तर – ग

96. वर्णमाला का अध्ययन किस विषय में किया जाता है?
क) शब्द विचार
ख) वर्ण विचार
ग) वाक्य विचार
घ) अर्थ विचार
उत्तर – ख

97. लेखपाल परीक्षा में वर्ण विचार से प्रश्न आते हैं—
क) नहीं
ख) बहुत कम
ग) नियमित रूप से
घ) केवल वर्णनात्मक
उत्तर – ग

98. वर्गीय व्यंजन कितने वर्गों में बाँटे गए हैं?
क) 3 ख) 4 ग) 5 घ) 6
उत्तर – ग

99. प्रत्येक वर्ग में कितने व्यंजन होते हैं?
क) 4 ख) 5 ग) 6 घ) 7
उत्तर – ख

100. हिंदी व्याकरण का आधार किसे माना जाता है?
क) शब्द
ख) वाक्य
ग) वर्ण
घ) अर्थ
उत्तर – ग 


शब्द ज्ञान

शब्द ज्ञान हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें शब्दों की रचना, अर्थ, भेद, प्रयोग तथा शब्दों के आपसी संबंधों का अध्ययन किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा, में इस विषय से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।


1. शब्द

अर्थपूर्ण ध्वनियों के समूह को शब्द कहा जाता है।
जब वर्ण मिलकर किसी अर्थ को प्रकट करते हैं, तब वह शब्द कहलाता है।

उदाहरण – घर, पानी, किसान, विद्यालय


2. शब्द ज्ञान के प्रमुख अंग

शब्द ज्ञान के अंतर्गत निम्नलिखित विषयों का अध्ययन किया जाता है—

  1. शब्द भेद

  2. पर्यायवाची शब्द

  3. विलोम शब्द

  4. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

  5. तत्सम–तद्भव शब्द

  6. देशज–विदेशी शब्द

  7. समरूपी भिन्नार्थक शब्द

  8. अनेकार्थक शब्द

  9. शुद्ध–अशुद्ध शब्द


3. शब्द भेद

3.1 अर्थ के आधार पर शब्द भेद

  1. सार्थक शब्द – जिनका कोई निश्चित अर्थ होता है।
    उदाहरण – पुस्तक, नदी, बालक

  2. निरर्थक शब्द – जिनका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं होता।
    उदाहरण – टनटन, छनछन


3.2 उत्पत्ति के आधार पर शब्द भेद

  1. तत्सम शब्द – जो संस्कृत से सीधे लिए गए हों।
    उदाहरण – अग्नि, सूर्य, जल

  2. तद्भव शब्द – जो तत्सम शब्दों से परिवर्तित होकर बने हों।
    उदाहरण – आग, सूरज, पानी

  3. देशज शब्द – जो स्थानीय बोलियों से बने हों।
    उदाहरण – लोटा, झाड़ू

  4. विदेशी शब्द – जो अन्य भाषाओं से आए हों।
    उदाहरण – किताब, कुर्सी, स्कूल


4. पर्यायवाची शब्द

जिस शब्द के समान अर्थ वाले अनेक शब्द हों, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

उदाहरण

  • सूर्य – रवि, आदित्य, भानु

  • जल – पानी, नीर, तोय

  • पृथ्वी – धरती, वसुंधरा, भूमि


5. विलोम शब्द

जिस शब्द का अर्थ विपरीत हो, उसे विलोम शब्द कहते हैं।

उदाहरण

  • दिन – रात

  • सत्य – असत्य

  • लाभ – हानि

  • सुख – दुःख


6. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

जब किसी वाक्य या अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द प्रयुक्त हो, तो उसे अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहते हैं।

उदाहरण

  • जो कभी न मरे – अमर

  • जो पढ़ा-लिखा न हो – निरक्षर

  • जो सब कुछ जानता हो – सर्वज्ञ


7. समरूपी भिन्नार्थक शब्द

वे शब्द जो लिखने या बोलने में समान हों, लेकिन अर्थ अलग-अलग हों।

उदाहरण

  • हार – पराजय, गले का आभूषण

  • फल – परिणाम, खाने की वस्तु

  • कल – बीता हुआ दिन, आने वाला दिन


8. अनेकार्थक शब्द

वे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं।

उदाहरण

  • पत्र – पत्ता, चिट्ठी, समाचार पत्र

  • अंक – संख्या, गोद, परीक्षा का नंबर

  • कर – हाथ, टैक्स


9. शुद्ध और अशुद्ध शब्द

जो शब्द व्याकरण के नियमों के अनुसार सही हो, वह शुद्ध शब्द कहलाता है।

उदाहरण

  • अशुद्ध – विधालय → शुद्ध – विद्यालय

  • अशुद्ध – दिपक → शुद्ध – दीपक

  • अशुद्ध – किरपा → शुद्ध – कृपा


10. परीक्षा उपयोगिता

  • शब्द ज्ञान से २–४ प्रश्न निश्चित आते हैं

  • पर्यायवाची, विलोम और शुद्ध–अशुद्ध शब्द सबसे अधिक पूछे जाते हैं

  • अभ्यास से यह विषय अंकों का सबसे आसान स्रोत बन जाता है

 

 शब्द : अर्थ व प्रकार (प्रश्न 1–20)

1. अर्थपूर्ण ध्वनियों के समूह को क्या कहते हैं?
उत्तर – शब्द

2. जिन शब्दों का कोई अर्थ नहीं होता उन्हें क्या कहते हैं?
उत्तर – निरर्थक शब्द

3. ‘पानी’ शब्द किस श्रेणी में आता है?
उत्तर – सार्थक शब्द

4. भाषा की सबसे छोटी इकाई क्या है?
उत्तर – वर्ण

5. शब्दों के मेल से क्या बनता है?
उत्तर – वाक्य

6. ‘घर’ शब्द है—
उत्तर – सार्थक

7. ‘डमडम’ शब्द है—
उत्तर – निरर्थक

8. शब्दों के सही प्रयोग के ज्ञान को क्या कहते हैं?
उत्तर – शब्द ज्ञान

9. ‘बालक’ शब्द किस लिंग का है?
उत्तर – पुल्लिंग

10. ‘लड़की’ शब्द है—
उत्तर – स्त्रीलिंग

11. जो शब्द किसी भाव को प्रकट करें कहलाते हैं—
उत्तर – भाववाचक शब्द

12. व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम बताने वाले शब्द कहलाते हैं—
उत्तर – संज्ञा

13. ‘सुंदर’ शब्द किस श्रेणी में है?
उत्तर – विशेषण

14. ‘दौड़ना’ शब्द है—
उत्तर – क्रिया

15. शब्द ज्ञान का संबंध किससे है?
उत्तर – शब्दों के अर्थ से

16. ‘पढ़ाई’ शब्द है—
उत्तर – भाववाचक संज्ञा

17. ‘किताब’ शब्द किस प्रकार का है?
उत्तर – जातिवाचक संज्ञा

18. भाषा में शब्दों का भंडार कहलाता है—
उत्तर – शब्दकोश

19. शब्दों के गलत प्रयोग से क्या दोष होता है?
उत्तर – अर्थ दोष

20. शब्द ज्ञान हिंदी व्याकरण का कौन-सा भाग है?
उत्तर – महत्वपूर्ण भाग


Ⅱ. पर्यायवाची शब्द (प्रश्न 21–40)

21. ‘जल’ का पर्यायवाची क्या है?
उत्तर – नीर

22. ‘सूर्य’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – रवि

23. ‘चंद्रमा’ का पर्यायवाची नहीं है—
उत्तर – रवि

24. ‘पृथ्वी’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – धरती

25. ‘अग्नि’ का पर्यायवाची क्या है?
उत्तर – आग

26. ‘वन’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – जंगल

27. ‘नदी’ का पर्यायवाची शब्द है—
उत्तर – सरिता

28. ‘राजा’ का पर्यायवाची नहीं है—
उत्तर – सेवक

29. ‘विद्या’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – शिक्षा

30. ‘शत्रु’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – दुश्मन

31. ‘मित्र’ का पर्यायवाची नहीं है—
उत्तर – शत्रु

32. ‘धन’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – संपत्ति

33. ‘आकाश’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – नभ

34. ‘समुद्र’ का पर्यायवाची नहीं है—
उत्तर – नदी

35. ‘पवन’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – वायु

36. ‘बालक’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – शिशु

37. ‘रात्रि’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – निशा

38. ‘गुरु’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – शिक्षक

39. ‘नर’ का पर्यायवाची है—
उत्तर – पुरुष

40. ‘नारी’ का पर्यायवाची नहीं है—
उत्तर – बालक 

  1. अग्नि – आग, पावक, अनल, ज्वाला, वह्नि

  2. जल – पानी, नीर, वारि, तोय, सलिल

  3. पृथ्वी – धरती, भूमि, वसुधा, धरा, मही

  4. आकाश – नभ, गगन, अम्बर, व्योम, आसमान

  5. वायु – हवा, पवन, समीर, अनिल, वात

  6. सूर्य – रवि, आदित्य, भानु, दिनकर, दिवाकर

  7. चंद्र – चाँद, शशि, इंदु, सोम, निशाकर

  8. राजा – नरेश, भूप, नृप, महाराज, अधिपति

  9. गरीब – निर्धन, दरिद्र, कंगाल, दीन, अभावग्रस्त

  10. धनवान – अमीर, संपन्न, समृद्ध, धनाढ्य, वैभवशाली

  11. वन – जंगल, अरण्य, कानन, विपिन, बन

  12. नदी – सरिता, तटिनी, तरंगिणी, नद, प्रवाह

  13. समुद्र – सागर, सिंधु, जलधि, उदधि, रत्नाकर

  14. पर्वत – पहाड़, गिरि, शैल, नग, अचल

  15. गृह – घर, भवन, सदन, आवास, निवास

  16. विद्या – शिक्षा, ज्ञान, विद्वता, बोध, सीख

  17. मित्र – सखा, दोस्त, सुहृद, सहचर, यार

  18. शत्रु – दुश्मन, अरि, विरोधी, बैरी, प्रतिद्वंद्वी

  19. नारी – स्त्री, महिला, औरत, कामिनी, वधू

  20. पुरुष – नर, आदमी, मानव, मनुष्य, मर्द

  21. बालक – बच्चा, शिशु, कुमार, बाल, लड़का

  22. ज्ञान – बोध, समझ, जानकारी, विवेक, चेतना

  23. सत्य – सच, यथार्थ, वास्तविकता, तथ्य, सच्चाई

  24. असत्य – झूठ, मिथ्या, कपट, असत्यता, भ्रम

  25. प्रेम – प्यार, स्नेह, अनुराग, ममता, लगाव

  26. क्रोध – गुस्सा, रोष, कोप,怒 (क्रोध), ताव

  27. दया – करुणा, कृपा, ममता, अनुकंपा, रहम

  28. भय – डर, आतंक, त्रास, आशंका, भयभीतता

  29. सुख – आनंद, खुशी, प्रसन्नता, आराम, चैन

  30. दुःख – पीड़ा, कष्ट, वेदना, शोक, संताप

  31. तेज – गति, चमक, वेग, तीव्रता, फुर्ती

  32. धीरे – मंद, सुस्त, शिथिल, कम गति से, हल्का

  33. आरंभ – शुरुआत, प्रारंभ, उद्घाटन, श्रीगणेश, आरम्भ

  34. अंत – समाप्ति, समापन, आखिर, समाप्त, परिणति

  35. लाभ – फायदा, मुनाफा, प्राप्ति, लाभांश, कमाई

  36. हानि – नुकसान, क्षति, घाटा, अपकार, कमी

  37. मार्ग – रास्ता, पथ, सड़क, राह, गली

  38. देश – राष्ट्र, वतन, मातृभूमि, स्वदेश, भूमि

  39. नगर – शहर, पुर, नगरी, कस्बा, महानगर

  40. ग्राम – गाँव, देहात, पल्ली, ग्रामीण क्षेत्र, बसावट

  41. कृषक – किसान, हलधर, अन्नदाता, खेतिहर, कृषक

  42. अन्न – भोजन, खाद्य, धान्य, आहार, खुराक

  43. कार्य – काम, कर्म, नौकरी, दायित्व, कार्यभार

  44. बल – शक्ति, ताकत, जोर, सामर्थ्य, ऊर्जा

  45. बुद्धि – अक्ल, समझ, मेधा, विवेक, चतुराई

  46. समय – वक्त, काल, अवधि, घड़ी, अवसर

  47. भाग्य – किस्मत, नसीब, सौभाग्य, तक़दीर, विधि

  48. स्वतंत्रता – आज़ादी, मुक्ति, स्वाधीनता, आजादी, विमुक्ति

  49. न्याय – इंसाफ, धर्म, उचित निर्णय, न्यायता, समता

  50. कानून – विधि, नियम, अधिनियम, कानून व्यवस्था, शासन नियम


Ⅲ. विलोम शब्द (प्रश्न 41–60)

41. ‘दिन’ का विलोम है—
उत्तर – रात

42. ‘सत्य’ का विलोम है—
उत्तर – असत्य

43. ‘लाभ’ का विलोम क्या है?
उत्तर – हानि

44. ‘अंधकार’ का विलोम है—
उत्तर – प्रकाश

45. ‘उन्नति’ का विलोम है—
उत्तर – अवनति

46. ‘सुख’ का विलोम है—
उत्तर – दुख

47. ‘मित्र’ का विलोम है—
उत्तर – शत्रु

48. ‘नया’ का विलोम है—
उत्तर – पुराना

49. ‘जीत’ का विलोम है—
उत्तर – हार

50. ‘अमीर’ का विलोम है—
उत्तर – गरीब

51. ‘शांति’ का विलोम है—
उत्तर – अशांति

52. ‘ऊँचा’ का विलोम है—
उत्तर – नीचा

53. ‘आगमन’ का विलोम है—
उत्तर – प्रस्थान

54. ‘जीवन’ का विलोम है—
उत्तर – मृत्यु

55. ‘दयालु’ का विलोम है—
उत्तर – निर्दयी

56. ‘सफलता’ का विलोम है—
उत्तर – असफलता

57. ‘आरंभ’ का विलोम है—
उत्तर – अंत

58. ‘स्वच्छ’ का विलोम है—
उत्तर – गंदा

59. ‘वीर’ का विलोम है—
उत्तर – कायर

60. ‘निकट’ का विलोम है—
उत्तर – दूर


Ⅳ. अनेकार्थक / समरूपी भिन्नार्थक शब्द (प्रश्न 61–80)

61. ‘कल’ शब्द का एक अर्थ क्या नहीं है?
उत्तर – आज

62. ‘हार’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – पराजय

63. ‘पत्र’ का अर्थ नहीं है—
उत्तर – धन

64. ‘अंक’ का एक अर्थ है—
उत्तर – संख्या

65. ‘फल’ शब्द का अर्थ है—
उत्तर – परिणाम

66. ‘कर’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – हाथ

67. ‘बाल’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – केश

68. ‘दंड’ का अर्थ नहीं है—
उत्तर – पुरस्कार

69. ‘माला’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – हार

70. ‘नेत्र’ का एक अर्थ है—
उत्तर – आँख

71. ‘मुख’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – मुँह

72. ‘रस’ का एक अर्थ है—
उत्तर – स्वाद

73. ‘पद’ शब्द का अर्थ नहीं है—
उत्तर – वृक्ष

74. ‘अर्थ’ का एक अर्थ है—
उत्तर – मतलब

75. ‘वर’ का एक अर्थ है—
उत्तर – दूल्हा

76. ‘अमर’ शब्द का अर्थ है—
उत्तर – जो न मरे

77. ‘भुज’ का एक अर्थ है—
उत्तर – बाँह

78. ‘तल’ का अर्थ नहीं है—
उत्तर – आकाश

79. ‘दृष्टि’ का अर्थ है—
उत्तर – नजर

80. ‘छाया’ शब्द का एक अर्थ है—
उत्तर – परछाईं


Ⅴ. तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द (प्रश्न 81–100)

81. ‘अग्नि’ शब्द है—
उत्तर – तत्सम

82. ‘आग’ शब्द है—
उत्तर – तद्भव

83. ‘मुख’ का तद्भव रूप है—
उत्तर – मुँह

84. ‘चंद्र’ का तद्भव रूप है—
उत्तर – चाँद

85. ‘पुत्र’ का तद्भव रूप है—
उत्तर – बेटा

86. ‘झाड़ू’ शब्द है—
उत्तर – देशज

87. ‘लोटा’ शब्द है—
उत्तर – देशज

88. ‘किताब’ शब्द है—
उत्तर – विदेशी

89. ‘कुर्सी’ शब्द है—
उत्तर – विदेशी

90. ‘विद्यालय’ शब्द है—
उत्तर – तत्सम

91. ‘दूध’ शब्द है—
उत्तर – तद्भव

92. ‘नयन’ शब्द है—
उत्तर – तत्सम

93. ‘आँख’ शब्द है—
उत्तर – तद्भव

94. ‘टोपी’ शब्द किस श्रेणी का है?
उत्तर – विदेशी

95. ‘पुस्तक’ शब्द है—
उत्तर – तत्सम

96. ‘घर’ शब्द है—
उत्तर – तद्भव

97. ‘लकड़ी’ शब्द है—
उत्तर – तद्भव

98. ‘सड़क’ शब्द है—
उत्तर – विदेशी

99. ‘देशज’ शब्दों का संबंध है—
उत्तर – स्थानीय बोलियों से

100. तत्सम शब्दों की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?
उत्तर – संस्कृत 

महत्त्वपूर्ण मुहावरे

  1. आँखों का तारा – बेहद प्रिय

  2. नाक कटना – अपमानित हो जाना

  3. दाल में कुछ काला है – कुछ गड़बड़ है

  4. उँगली पर नचाना – पूरी तरह नियंत्रित करना

  5. काटों‑भरा मार्ग – कठिन रास्ता

  6. दिल देना – प्यार करना

  7. मन मारना – दुखी होना

  8. पैर फ़िसलना – चूक होना

  9. एक न थी पूरी – अधूरी इच्छा

  10. कुंभ के मेला – भीड़‑भाड़

  11. घड़े में पानी नहीं – बहुत प्यास

  12. आग बगल में धधकना – अंदर से दुख होना

  13. हाथ मलना – उम्मीद लगाना

  14. दिल को ठंडक देना – आराम देना

  15. कूद पड़ा – तुरंत करना

  16. खुलेआम – सामने‑सामने

  17. आँख मिलाना – नजर मिलाना

  18. गिनती भर – थोड़े‑से

  19. मुंह मियारा रखना – सम्मान देना

  20. कटोरा लेकर बैठना – लाभ की आशा

  21. आँखों का धूल झोंकना – धोखा देना

  22. खून पसीना बहाना – कड़ी मेहनत करना

  23. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना

  24. हीरे‑जैसे मोती – बहुमूल्य

  25. ऊँची दुकान फीका पकवान – दिखावा

  26. समय का पहिया – समय का परिवर्तन

  27. पानी सिर पर चढ़ना – कठिनाई बढ़ना

  28. लाञ्छन लगना – अपमानित होना

  29. मुँह ताकना – आशा करना

  30. सिर फुटना – कष्ट सहना

  31. दिल उचाट होना – दुखी होना

  32. पहले पड़ना – अग्रसर होना

  33. दूध का दूध, पानी का पानी – साफ कर देना

  34. कान पकना – बहुत डाँटना

  35. शंखनाद करना – घोषणा करना

  36. अधजल गगरी छलकत जाय – अपूर्ण प्रयास

  37. चंदा फूंक देना – सब ख़र्च कर देना

  38. नींद उड़ाना – परेशान करना

  39. लोगों की नज़रों में गिरना – आदर खोना

  40. कछुए की चाल से – धीमी गति

  41. साँप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे – कोई हानि न हो

  42. तेज़ चलना – जल्दी करना

  43. जोश में आना – उत्तेजित होना

  44. हाथ का परिचय देना – अनुभव दिखाना

  45. मुख चिढ़ना – बुरा लगना

  46. ढाई दिन की चोरी – जल्दी पकड़ा जाना

  47. पैर की जूती – आवश्यकता की चीज़

  48. कान खुलना – सीख मिलना

  49. बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा – संयोग से लाभ

  50. लकवा मारना – चौंक जाना

  51. समय से पहले बूढ़ा होना – जल्दी बूढ़ा लगना

  52. नज़र लगना – बुरी नजर लगना

  53. पटरी से उतरना – लक्ष्य भटकना

  54. दिल का धर्म निभाना – सच्चा प्रेम

  55. बेहद प्रयास करना – जोर लगाना

  56. आग में घी डालना – समस्या बढ़ाना

  57. फूँक‑फूँक कर कदम रखना – सावधानी से

  58. आँखों की ओट से देखना – छुपकर देखना

  59. चींटियों का काम करना – धीमी मेहनत

  60. जीभ फिसलना – गलती से बोल देना

  61. घर की मुर्गी दाल बराबर – सामान्य चीज़ को महत्व न देना

  62. साँप कहीं भी घूमे – मुक्त होना

  63. टेके पे चढ़ना – हँस देना

  64. पैर पसारना – अधिकार लेना

  65. हाथ पर हाथ धरे बैठना – आलसी होना

  66. दिमाग हिलना – भ्रमित होना

  67. अँधेर नगरी चौपट राजा – व्यवस्था बुरी

  68. पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं – फायदेमंद रवैया

  69. चाँदी के सपने दिखाना – झूठी बात कहना

  70. डर के मारे काँपना – भयभीत होना

  71. होंठों पर ताला – चुप रहना

  72. किस्मत खुलना – भाग्य चमकना

  73. ठंडी हवा होना – उम्मीद टूटना

  74. सीधा दिल होना – सच्चा व्यक्ति

  75. हाथ की लकीर – नियति

  76. गुरु का हाथ थामना – मार्गदर्शन लेना

  77. सूरत बदलना – मन बदलना

  78. फुर्ती से काम लेना – जल्दी करना

  79. आँखों की ओट से देखना – छुपकर देखना

  80. मन की बात कहना – दिल की बात कहना

  81. टिकिया ठग लेना – छल करना

  82. लाठी के डर से घास भी न चलना – डर के कारण

  83. शेर की खाल में लोमड़ी – दिखावा

  84. दूध का रुतबा – उच्च स्थान

  85. काँटे भी खाए और फूल भी मिले – मिश्रित अनुभव

  86. छोटे से बहुत बनना – सिद्ध बन जाना

  87. कलम की धार से – लेखनी के ज़रिए

  88. झूठी दीवारें – झूठी सुरक्षा

  89. आसमान से बातें करना – अधिक महत्वकांक्षा

  90. हँसी छूटना – जोर से हँसना

  91. चरणों में सिर रखना – सम्मान देना

  92. पटरी पर आना – सही दिशा में आना

  93. कहकहे लगाना – जोर से हँसना

  94. कंधे पर जिम्मेदारी – काम का भार

  95. ना में ना करना – स्पष्ट अस्वीकार

  96. नाप-तौल कर बोलना – सोच-समझकर बोलना

  97. होश में रहना – सावधान रहना

  98. दिल गड़गड़ाना – बहुत दुखी होना

  99. कदमताल करना – साथ देना

  100. सिर आँखों पर – आदर से ग्रहण करना

महत्त्वपूर्ण लोकोक्तियाँ 

  1. बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद – समझ न होना

  2. नाच न जाने आँगन टेढ़ा – दोष दूसरों का ठहराना

  3. घर का भेदी लंका ढाए – घातक स्वयं का व्यक्ति

  4. एक तीर से दो शिकार – एक काम से दो लाभ

  5. अंधे की लाठी से टाँग नीची – दोष नसीब में

  6. ऊँची दुकान, फीका पकवान – दिखावा

  7. अब पछताए होत क्या – पछतावा व्यर्थ

  8. बूंद‑बूंद से सागर भरता है – छोटे प्रयास बड़े फल देते हैं

  9. जो गरजते हैं वो बरसते नहीं – धमकी देने वाले कमजोर

  10. घर का जोगी जो लाए हाथी – आश्चर्यजनक लाभ

  11. लता पे चढ़कर बाँस नहीं बाँस पर चढ़कर लता – प्रयास का महत्व

  12. ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी – साधन न होने पर कार्य नहीं होता

  13. उँगली काटना आसान, अंगूठा छाप कर दिखाओ – करना कठिन है

  14. बहते पानी में हाथ धोना – अवसर का लाभ उठाना

  15. ऊँट के मुँह में जीरा – बहुत कम

  16. साँच को आँच नहीं – सच्चाई से डर नहीं

  17. काल करे सो आज कर – समय का महत्व

  18. जो बोओगे वही काटोगे – कर्म का फल

  19. घर की मुर्गी दाल बराबर – अपनापन का महत्व कम

  20. दूर के ढोल सुहावने – दूर की चीज़ अच्छी लगना

  21. घर का खेल है – आसान कार्य

  22. आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना

  23. फूलों की खुशबू पंखुड़ी से आती है – सुंदरता अंदर से आती है

  24. खाली बहाना, खाली पिटना – बिना कारण बुरा होना

  25. समय बड़ा बलवान – समय सब ठीक करता है

  26. ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय – प्रेम सबसे बड़ा है

  27. हाथ कंगन को आरसी क्या – स्पष्ट बात की आवश्यकता नहीं

  28. सावधान सदैव सुरक्षित – सावधानी जरूरी है

  29. ओखली में सिर देने से क्या होता – गलत निर्णय

  30. सब्र का फल मीठा होता है – धैर्य का फल अच्छा होता है

  31. एक हाथ से ताली नहीं बजती – सहयोग आवश्यक

  32. साँप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे – हानि न हो

  33. आसमान से गिरा खजूर में अटका – एक मुश्किल से दूसरी

  34. जब बात बन जाये तो पाँव फटी रह जाये – खुशी का प्रेम

  35. मुहँ में राम बगल में छुरी – दिखावा धर्म

  36. अपना घर का राजा, पराए घर का नौकर – क्षमता का महत्व

  37. नीम हकीम खतरा-ए-जान – आधा ज्ञान खतरनाक

  38. लड़ाई में छोटा, जीत बड़े का – अनुभव का प्रभाव

  39. जो गरजते हैं वो बरसते नहीं – जोर से डराने वाले कमजोर

  40. सबकी नहीं चलती यहाँ – सबको मानना संभव नहीं

  41. नदी वही जो बहती है – सच्चा और स्थायी

  42. भौंकने वाले कुत्तों से डर मत – दिखावा डर नहीं सकता

  43. भला हो भले का – अच्छाई का फल

  44. जो होता है अच्छा ही होता है – नियति

  45. साँप को देख कर लाठी उठाना – सावधान रहना

  46. घर की बटुली दाल सबको मीठी – अपनापन

  47. अंधा क्या चाहे दो आँखें – सबकी चाह पूरी हो

  48. काँटे निकालकर फूल लाना – कठिन प्रयास का फल

  49. जो गरजते हैं वो बरसते नहीं – कमजोर का दिखावा

  50. राजा भले तो सब भले – नेतृत्व का प्रभाव

  51. लोहे को लोहे से काटना – समान से समान

  52. धीरज धरने वालों को फल मिलता – धैर्य का लाभ

  53. समय से पहले कुछ नहीं मिलता – समय का महत्व

  54. जैसा बोओगे वैसा काटोगे – कर्म फल

  55. अक्ल बड़ी या भैंस – बुद्धिमत्ता का महत्व

  56. एक आँख से देखा तो सौ आँखें हुईं – विस्तार से देखना

  57. सोचा है तो लिखा भी है – योजना का महत्व

  58. बूढ़ा पेड़ फल नहीं देता – उम्र का प्रभाव

  59. अपना मुंह मिठाई में – अपने में मस्त

  60. कई हाथों का खेल – संगठित प्रयास

  61. गुरु का ज्ञान अमूल्य – सीख का महत्व

  62. साँच को आँच नहीं – सत्य हमेशा सुरक्षित

  63. धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का – निर्दोष रहना कठिन

  64. जब तक साँप के मुँह में लाठी – कठिनाई

  65. बिना परिश्रम के फल नहीं – मेहनत आवश्यक

  66. पहले सोचो फिर बोलो – सोच-समझकर निर्णय

  67. जोकर का काम आसान नहीं – काम कठिन है

  68. घमंडी का अंत बुरा – घमंड खतरनाक

  69. भालू की खाल उतारना आसान नहीं – कठिन कार्य

  70. समय बड़ा बलवान – समय सब कुछ बदलता

  71. दूध का दूध, पानी का पानी – सत्य स्पष्ट होता है

  72. कोई भी काम छोटा नहीं – हर काम महत्वपूर्ण

  73. नीतिहीन का कोई भला नहीं – नीति आवश्यक

  74. धैर्य ही सफलता की कुंजी – जीत का राज

  75. आँखों देखा हक – प्रत्यक्ष अनुभव

  76. खोटा सिक्का जल्दी पहचान – झूठ जल्दी पता चलता है

  77. भाई भाई का साथ दें – सहयोग महत्वपूर्ण

  78. समय से सीख लो – अनुभव से सीख लेना

  79. श्रम का फल मीठा – मेहनत का फल अच्छा

  80. आँख के अंधे को मोमबत्ती न कराओ – दिखावा हानिकारक

  81. काम ही पूजा है – कर्म पूजनीय है

  82. समय बड़ा बलवान – समय महत्वपूर्ण है

  83. जो मिट्टी में मिलता है वही असली – सच्चाई

  84. गुरु का आशीर्वाद सर्वोपरि – सीख का महत्व

  85. वक्त सबका आता है – समय न्याय लाता है

  86. बीते कल की सीख आज के काम आये – अनुभव का महत्व

  87. वचन बड़ा ही अमूल्य – वचन का पालन

  88. नदी वही जो बहती है – निरंतरता

  89. माली का पौधा छोटा फल बड़ा – प्रयास का महत्व

  90. सब्र का फल मीठा – धैर्य का फल

  91. जो चाहो वही कर्म करो – कर्म का चुनाव

  92. धैर्य रखो सफलता पास है – धैर्य जरूरी

  93. समय बदलता है सब बदलता है – परिवर्तन

  94. जहाँ चाह वहाँ राह – इच्छाशक्ति से राह बनती है

  95. आँखों का उजाला सीख है – ज्ञान

  96. संयम बड़ा बलवान – संयम महत्वपूर्ण

  97. ईमानदार की कभी हार नहीं – सत्य की जीत

  98. कम बोलो, अधिक करो – कर्म प्रधान

  99. समय बड़ा बलवान – समय महत्वपूर्ण

  100. विश्वास रखो जीत होगी – आत्मविश्वास आवश्यक            

  101.  

    समास – आसान नोट्स

    समास = दो या दो से ज्यादा शब्द जोड़कर नया शब्द बनाना।

    • नया शब्द अलग अर्थ देता है।

    समास के प्रकार

    1. द्वंद्व समास – दोनों शब्द बराबर (और जोड़ो)

      • उदाहरण: माता-पिता = माता और पिता, दिन-रात = दिन और रात

    2. तत्पुरुष समास – पहला शब्द दूसरे का संबंध दिखाता है (का/की/के)

      • उदाहरण: राजा-भोज = राजा का भोज, देवालय = देव का घर

    3. कर्मधारय समास – पहला शब्द दूसरे का गुण दिखाता है

      • उदाहरण: सुंदरवन = सुंदर जंगल, श्यामलाल = श्याम रंग वाला लाल

    4. बहुव्रीहि समास – शब्द किसी के गुण का बताता है लेकिन उसमें नहीं होता

      • उदाहरण: चन्द्रमौलि = चन्द्र जैसा मस्तक वाला, दीनबंधु = गरीबों का मित्र

    5. अव्ययीभाव समास – पहला शब्द कभी नहीं बदलता

      • उदाहरण: दिशाप्रदर्शक = दिशा दिखाने वाला, ह्रदयस्पर्शी = दिल छूने वाला


    100 आसान सवाल – शब्द + विग्रह

    द्वंद्व (1–20)

    1. माता-पिता → माता और पिता

    2. दिन-रात → दिन और रात

    3. भाई-बहन → भाई और बहन

    4. राम-सीता → राम और सीता

    5. राजा-रानी → राजा और रानी

    6. देव-देवी → देव और देवी

    7. मित्र-शत्रु → मित्र और शत्रु

    8. सुख-दुःख → सुख और दुःख

    9. अन्न-जल → अन्न और जल

    10. जल-थल → जल और थल

    11. सूरज-चन्द्र → सूरज और चन्द्र

    12. पिता-पुत्र → पिता और पुत्र

    13. गुरु-शिष्य → गुरु और शिष्य

    14. राजा-पुत्र → राजा और पुत्र

    15. चाचा-चाची → चाचा और चाची

    16. राम-लक्ष्मण → राम और लक्ष्मण

    17. मित्र-शत्रु → मित्र और शत्रु

    18. सुख-दुःख → सुख और दुःख

    19. अग्नि-जल → अग्नि और जल

    20. गुरु-मूर्ति → गुरु और मूर्ति


    तत्पुरुष (21–40)

    1. राजा-भोज → राजा का भोज

    2. देवालय → देव का घर

    3. नदीनायक → नदी का नायक

    4. पुस्तकालय → किताबों का घर

    5. ग्रामपंचायत → गाँव की पंचायत

    6. राजदरबार → राजा का दरबार

    7. राजा-पुत्र → राजा का बेटा

    8. पिता-घर → पिता का घर

    9. सूर्यकांत → सूर्य का कांत

    10. ग्रामसेवक → गाँव का सेवक

    11. देवपुत्र → देव का बेटा

    12. नगरपाल → नगर का पालक

    13. विद्यालय → पढ़ाई का घर

    14. शेरदिल → शेर का दिल वाला

    15. रत्नाकर → रत्नों से भरा

    16. राजा-सेवक → राजा का सेवक

    17. फलदाता → फल देने वाला

    18. जलपात्र → पानी का पात्र

    19. धैर्यशील → धैर्य रखने वाला

    20. वीरभूमि → वीरों की भूमि


    कर्मधारय (41–60)

    1. श्यामलाल → श्याम रंग वाला लाल

    2. सुंदरवन → सुंदर जंगल

    3. लघुकथा → छोटी कहानी

    4. महाकवि → बड़ा कवि

    5. भीमसेन → भीम जैसा सेनापति

    6. लालपुत्र → लाल रंग वाला बेटा

    7. नीलकंठ → नीला गला वाला

    8. सुशिक्षित → पढ़ाई वाला

    9. महात्मा → बड़ा आत्मा वाला

    10. तेजस्वी → तेज वाला

    11. जलजीवन → पानी से जुड़ा जीवन

    12. सुखीजन → सुख वाला आदमी

    13. देवभूमि → देवताओं की भूमि

    14. भूतपूर्व → पहले का

    15. शीतलधारा → ठंडी धारा

    16. रत्नमयी → रत्नों वाली

    17. लक्ष्मीपुत्र → लक्ष्मी का बेटा

    18. विद्यावान → विद्या वाला

    19. धनधान्य → धन वाला

    20. सूर्यमुखी → सूरज जैसा मुख


    बहुव्रीहि (61–80)

    1. चन्द्रमौलि → चन्द्र जैसा मस्तक वाला

    2. दीनबंधु → गरीबों का मित्र

    3. सिंहासन → राजा का आसन

    4. महाशक्ति → बड़ी शक्ति

    5. गगनचुम्बी → आकाश छूने वाला

    6. भैरवेश्वर → भैरव का ईश्वर

    7. मणिमाला → मणियों की माला

    8. अग्निपुत्र → अग्नि का बेटा

    9. निर्मलप्रभा → साफ प्रकाश

    10. शीतलधारा → ठंडी धारा

    11. कालचक्र → समय का चक्र

    12. देवकीनन्दन → देवकी का बेटा

    13. रक्तबीज → रक्त से पैदा बीज

    14. राजरूप → राजा जैसा रूप

    15. हेमचन्द्र → सोने जैसा चन्द्र

    16. शरभासुर → शरभ जैसा असुर

    17. महादेव → बड़ा देव

    18. रत्नाकर → रत्नों से भरा

    19. सुरम्यनगर → सुंदर नगर

    20. अग्निपुत्र → अग्नि का बेटा


    अव्ययीभाव (81–100)

    1. दिशाप्रदर्शक → दिशा दिखाने वाला

    2. ह्रदयस्पर्शी → दिल छूने वाला

    3. बलवती → ताकत वाला

    4. सुगन्धित → खुशबू वाला

    5. तेजस्वी → तेज वाला

    6. कृपाशील → दयालु

    7. शान्तिवान → शांत रहने वाला

    8. ज्ञानवान → ज्ञान रखने वाला

    9. भक्तिमय → भक्ति वाला

    10. कृत्रिम → बनाया हुआ

    11. निरामय → रोग मुक्त

    12. महाश्रवण → बहुत सुनने वाला

    13. अचलधारा → जो नहीं बदलती

    14. शुभलाभ → अच्छा लाभ

    15. सुखप्रद → सुख देने वाला

    16. शीतलमय → ठंडा करने वाला

    17. महाशक्ति → बड़ी शक्ति वाला

    18. कल्याणमयी → भलाई करने वाली

    19. प्रेरक → प्रेरित करने वाला

    20. स्फूर्तिदायक → ऊर्जा देने वाला 


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  खसका दंड।खसका दंड का प्रयोग  ये भी आरेखन दण्ड की तरह ही होता है। परन्तु इसके ऊपरी सिरे पर जरीब की हैंडल फसाने के लिए एक खांचा बना रहता है।जिसकी सहायता से खाई या झाड़ियों वाली स्थान में  जरीब के द्वारा नाप ली जाती है। खूँटी।  खूँटी का कार्य  खूँटी को सर्वेक्षण स्टेशनो की पहचान करने के लिए उस बिंदु पर गाड़ दी जाती है।ये लकड़ी  की बनी होती है। उसके ऊपर स्टेशन का नाम लिख दिया जाता है। उसकी लम्बाई 15 cm से 20 cm तक होती है। इसका शीर्ष 5cmx5cm वर्गाकार होता है।  साहुल।साहुल का कार्य  साहुल के द्वारा कम्पास , लेवल, थियोडोलाइट, आदि उपकरण को स्टेशन बिंदु पर केन्द्रण करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त ढालू जमीन पर जरीब मापन करते समय तथा आरेखन दण्ड को ठीक ऊर्ध्वाधर खड़ा करने में साहुल द्वारा जांच की जाती है। ये धातु का शंकुनुमा पिण्ड होता है।जिसके शीर्ष में एक मजबूत डोरी बंधी होती हैं। झाडियाँ । झाडियाँ का कार्य आरेखन दण्डो दूर से पहचान करने के लिये,इनके शीर्ष पर कपड़े की चौकोर  लाल या सफेद रंग की झाडियाँ बांध दी जाती है।   समकोण...

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सिविल इंजीनियरिंग में सर्वेक्षण (Surveying in Civil Engineering) Meta Description: सिविल इंजीनियरिंग में सर्वेक्षण क्या है? इसका उद्देश्य, प्रकार, सिद्धांत और महत्व समझें। Land Survey, Engineering Survey, Topographical Survey और Theodolite Survey की पूरी जानकारी। Keywords: सर्वेक्षण सिविल इंजीनियरिंग, Engineering Survey, Land Survey, Topographical Survey, Cadastral Survey, Theodolite Survey, Plane Table Survey, Hydrographic Survey, Surveying Principles सर्वेक्षण क्या है? (What is Surveying?) सर्वेक्षण सिविल इंजीनियरिंग की वह शाखा है, जो किसी क्षेत्र पर बिंदुओं की स्थिति, दूरी और कोणों का मापन कर नक्शे और लेआउट तैयार करती है। यह सड़क, पुल, रेलवे, नहर, पाइपलाइन और भवन निर्माण जैसी परियोजनाओं के लिए आधार प्रदान करता है। Keywords: Surveying in Civil Engineering, Civil Engineering Survey, Construction Survey सर्वेक्षण का उद्देश्य (Purpose of Surveying) सटीक नक्शा और योजना बनाना – टोपोग्राफिकल और कैडस्ट्रल नक्शा तैयार करना। निर्माण स्थल का चयन – सड़क, रेलवे, पाइपलाइन और सीवर लाइन ...