Skip to main content

Super tet 500 English vocabulary

  अध्यापन और मनोविज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण शब्द (Pedagogy & Psychology Based Words) Pedagogy – शिक्षण शास्त्र / अध्यापन कला Use: Good pedagogy makes difficult concepts easy for students to understand. Cognitive – संज्ञानात्मक / मानसिक ज्ञान संबंधी Use: Puzzles help in developing the cognitive skills of a child. Curriculum – पाठ्यक्रम Use: The school is updating its curriculum according to the new education policy. Assessment – मूल्यांकन / आकलन Use: Continuous assessment helps teachers track a student's daily progress. Aptitude – योग्यता / प्रतिभा Use: She has a natural aptitude for mathematics and logical reasoning. Facilitate – सुगम बनाना / आसान करना Use: The teacher's role is to facilitate learning in the classroom. Inclusion – समावेश / सबको शामिल करना Use: Inclusive education ensures the inclusion of specially-abled children. Retention – याद रखना / स्मृति में बनाए रखना Use: Visual aids improve the retention of facts in young learners. Rote – रटना / बिना...

NON-NEWTONIAN FLUID (अ-न्यूटनियन द्रव

 NON-NEWTONIAN FLUID (अ-न्यूटनियन द्रव)

 परिभाषा (Definition)

जिस द्रव में shear stress और shear rate का संबंध सीधा (linear) नहीं होता,

और जिसकी viscosity बल लगाने पर बदल जाती है,

उसे Non-Newtonian Fluid कहते हैं।

👉 आसान शब्दों में:

जितना जोर बदलो, उतनी इसकी गाढ़ापन (viscosity) बदल जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

Viscosity constant नहीं होती

Newton का viscosity law follow नहीं करता

Flow behavior force पर depend करता है

ज्यादातर daily life में मिलने वाले द्रव इसी category में आते हैं

 Non-Newtonian Fluid के प्रकार

1️⃣ Pseudoplastic Fluid (छद्म-प्लास्टिक द्रव)

➤ क्या होता है?

जैसे-जैसे बल (force) बढ़ाते हैं

वैसे-वैसे viscosity कम होती जाती है

द्रव पतला होकर आसानी से बहने लगता है

➤ आसान उदाहरण

पेंट

केचप

खून (Blood)

 रोज़मर्रा का उदाहरण:

केचप की बोतल हिलाने पर केचप आसानी से निकलता है

➤ ग्राफ की पहचान (Exam Trick)

Curve नीचे की ओर झुकी होती है

Straight line नहीं होती

2️⃣ Dilatant Fluid (डाइलेटेंट द्रव)

➤ क्या होता है?

बल बढ़ाने पर viscosity बढ़ जाती है

द्रव और सख्त हो जाता है

बहना मुश्किल हो जाता है

➤ आसान उदाहरण

कॉर्न स्टार्च + पानी

गीली रेत (Wet sand)


➤ ग्राफ की पहचान

Curve ऊपर की ओर तेज़ी से जाती है

Force बढ़ते ही resistance बहुत बढ़ता है

3️⃣ Bingham Plastic Fluid (बिंघम प्लास्टिक द्रव)

➤ क्या होता है?

जब तक minimum force (yield stress) न लगाओ

तब तक fluid flow नहीं करता

➤ आसान उदाहरण

टूथपेस्ट 

ग्रीस

कीचड़

 उदाहरण:

टूथपेस्ट तब तक बाहर नहीं आता जब तक tube को दबाया न जाए

➤ ग्राफ की पहचान

Graph origin से शुरू नहीं होता

पहले एक fixed stress चाहिए

उसके बाद flow शुरू होता है

Newtonian और Non-Newtonian में अंतर

बिंदु Newtonian Non-Newtonian

Viscosity Constant बदलती रहती है

Law Newton का नियम follow Follow नहीं करता

Graph Straight line Curve

Example पानी, हवा पेंट, केचप

📝 Exam ke liye 2-Line 

Non-Newtonian fluid वह द्रव है जिसकी viscosity shear stress बदलने पर बदल जाती है तथा Newton का viscosity नियम लागू नहीं होता।

Comments

Popular posts from this blog

Jarib , pictures, photo,जरीब का चित्र, chain survey,Part3 जरीब सर्वेक्षण chain survey

  जरीब सर्वेक्षण (Chain Survey) | सिद्धांत, प्रकार, फीता और उपकरण  Introduction सर्वेक्षण (Surveying) सिविल इंजीनियरिंग का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें क्षेत्र की दूरी, दिशा और सीमाओं को मापा जाता है। जरीब सर्वेक्षण (Chain Survey) सबसे सरल और प्राचीन तकनीक है, जिसमें जरीब या फीता का उपयोग किया जाता है।  जरीब (Chain) क्या है? जरीब एक यांत्रिक उपकरण है जिसका उपयोग रेखीय दूरी नापने (Linear Measurement) के लिए किया जाता है। यह जस्तीकृत मृदु इस्पात की कड़ियों से बनी होती है। दोनों सिरों पर पीतल के हत्थे (Handles) लगे होते हैं। यह छोटे और समतल क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए उपयुक्त है।  जरीब को चेन सर्वे (Chain Survey) में मुख्य उपकरण माना जाता है।  फीता (Tape) क्या है? फीता (Tape) भी दूरी मापने का उपकरण है लेकिन इसमें कड़ियाँ नहीं होतीं। यह जरीब से हल्का और अधिक शुद्ध (Accurate) होता है। इसे कई प्रकार के पदार्थों से बनाया जाता है: सूती फीता (Cotton Tape) मेटलिक फीता (Metallic Tape) इस्पाती फीता (Steel Tape) इन्वार फीता (Invar Tape) ...

Surveying in Civil Engineering: सर्वेक्षण क्या है? Types, Principles & Uses

सिविल इंजीनियरिंग में सर्वेक्षण (Surveying in Civil Engineering) सर्वेक्षण क्या है? (What is Surveying?) Surveying in Civil Engineering सिविल इंजीनियरिंग की एक महत्वपूर्ण शाखा है, जिसमें भूमि पर स्थित विभिन्न बिंदुओं की दूरी, कोण, ऊँचाई और स्थिति का मापन करके नक्शा (Map) तथा निर्माण कार्य के लिए आवश्यक डेटा तैयार किया जाता है। Surveying का उपयोग सड़क, पुल, रेलवे, नहर, भवन और अन्य निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। सर्वेक्षण का उद्देश्य (Purpose of Surveying) सटीक नक्शा और योजना बनाना – टोपोग्राफिकल और कैडस्ट्रल नक्शा तैयार करना। निर्माण स्थल का चयन – सड़क, रेलवे, पाइपलाइन और सीवर लाइन के लिए उचित स्थल चुनना। बिंदुओं की स्थिति ज्ञात करना – प्राकृतिक और कृत्रिम बिंदुओं की स्थिति मापना। ऊंचाई और गहराई मापन – भूमि की स्थलाकृति और ऊंचाई निर्धारण। निर्माण कार्यों के लिए लेआउट बनाना – भवन, पुल, नहर आदि के लिए मार्किंग। भूमि की सीमाओं का निर्धारण – संपत्ति और कानूनी उद्देश्यों के लिए। मिट्टी की कटाई और भराई का परिमाण – निर्माण में आवश्यक माप। सर्वेक्षण का वर्गीक...

Contour (कॉन्टूर) क्या है? | Types, Uses, Importance of Contour in Surveying – Civil Engineering Notes in Hindi

  Contour क्या होता है कॉनटूर (Contour) शब्द का प्रयोग सर्वेक्षण (Surveying) में बहुत आम है। यह शब्द जमीन की ऊँचाई और ढाल (slope) को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कॉनटूर लाइनों की मदद से हम किसी इलाके की सतह (surface) को 3-D रूप में समझ सकते हैं — यानी बिना उस जगह पर जाए यह पता लगाया जा सकता है कि जमीन ऊँची है या नीची।   कॉनटूर की परिभाषा (Definition of Contour) कॉनटूर (Contour) एक काल्पनिक रेखा (Imaginary Line) होती है जो उन सभी बिंदुओं (points) को जोड़ती है जिनकी ऊँचाई (elevation) समुद्र तल (mean sea level) से बराबर होती है । उदाहरण: अगर किसी क्षेत्र में 100 मीटर ऊँचाई वाले सारे बिंदुओं को जोड़ दिया जाए, तो वह रेखा 100 मीटर की कॉनटूर लाइन कहलाएगी। इसका मतलब यह कि उस लाइन पर आने वाले हर बिंदु की ऊँचाई 100 मीटर है। कॉनटूर का उद्देश्य (Purpose of Contour Map) कॉनटूर लाइनों का मुख्य उद्देश्य है — जमीन के प्राकृतिक आकार (shape) और ढाल को दिखाना ताकि इंजीनियर और सर्वेयर उस क्षेत्र की सही योजना बना सकें। मुख्य उद्देश्य: जमीन के आकार और ढाल को समझना। ...