Local Attraction in Compass Survey | Definition, Causes, Detection & Correction (in Hindi) Local Attraction in Surveying – Easy Explanation in Hindi for Civil Engineers What is Local Attraction in Compass Survey? Simple Hindi Notes for Students Compass Survey Local Attraction Explained | Causes & Correction in Hindi Local Attraction in Compass Survey – Complete Guide in Hindi (For BPSC, RRB & Civil Exams
Local Attraction in Compass Survey (in Hindi) | लोकल अट्रैक्शन क्या है?
🔹 परिचय (Introduction)
सर्वेइंग (Surveying) में Compass Survey एक बहुत महत्वपूर्ण विधि है, जिसमें Bearing (दिशा कोण) को मापने के लिए Magnetic Compass का प्रयोग किया जाता है। लेकिन कभी-कभी Compass की सुई (Needle) सही दिशा नहीं दिखाती — इस गलती को ही Local Attraction (स्थानीय आकर्षण) कहा जाता है।
🧭 Local Attraction क्या होता है? (Definition)
जब किसी स्थान पर Compass की Magnetic Needle अपने सही North direction से विचलित (deviate) हो जाती है, यानी सही दिशा नहीं दिखाती, तो इसे Local Attraction कहते हैं।
👉 आसान शब्दों में:
जब पास के लोहे के पदार्थ, बिजली की लाइन, या चुंबकीय वस्तुएं Compass की सुई को अपनी ओर खींच लेती हैं और वह सही दिशा नहीं दिखाती, तो इसे Local Attraction कहा जाता है।
⚙️ Local Attraction होने के कारण (Causes of Local Attraction)
Local Attraction के कई कारण हो सकते हैं —
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🧲 पास में Iron objects जैसे कि वाहन, कुंडी, कील या लोहे की रॉड
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⚡ Electric wires या Power lines
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⛓️ Steel tape, measuring chain या metallic instruments
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🔩 Surveyor की बेल्ट buckle या घड़ी (metallic parts)
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⛰️ Natural magnetic rocks या खनिज (minerals) जो चुंबकीय गुण रखते हैं
📍 Local Attraction का प्रभाव (Effect on Compass Reading)
Local Attraction की वजह से Compass की सुई गलत दिशा दिखाती है, जिससे —
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Bearing गलत आता है
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Survey का पूरा map या plotting गलत बन सकता है
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दिशा और दूरी दोनों में त्रुटि (error) होती है
इसलिए Compass Survey करते समय Local Attraction को पहचानना और सुधारना बहुत जरूरी होता है।
🔍 Local Attraction को पहचानने का तरीका (Detection of Local Attraction)
Local Attraction को पहचानने के लिए निम्न विधि अपनाई जाती है:
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दो बिंदु A और B लें।
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Compass से A से B और फिर B से A की Bearing लें।
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अगर दोनों Bearings में फर्क 180° (पूरक कोण) का नहीं है —
तो समझिए Local Attraction मौजूद है।
उदाहरण:
अगर A से B की Bearing = 60°,
तो B से A की Bearing = 240° होनी चाहिए।
अगर ऐसा नहीं है, तो Local Attraction है।
🧮 Local Attraction को सुधारने की विधि (Correction of Local Attraction)
Local Attraction सुधारने के दो मुख्य तरीके हैं:
1. By Comparing Fore Bearing and Back Bearing
-
अगर दोनों Bearings में 180° का अंतर नहीं है, तो
गलती वाले station को पहचानो और correction लगाओ।
2. By Using a Station Free from Local Attraction
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सबसे पहले ऐसा station खोजो जहाँ कोई Local Attraction न हो।
-
उसी को reference मानकर बाकी station के bearing ठीक करो।
📘 Example (उदाहरण)
| Station | Fore Bearing | Back Bearing | Difference | Result |
|---|---|---|---|---|
| A–B | 60° | 240° | 180° | No Local Attraction |
| B–C | 110° | 285° | 175° | Local Attraction Present |
यहां B–C की bearings में अंतर 180° नहीं है,
इसलिए Station B या C पर Local Attraction मौजूद है।
📚 Conclusion (निष्कर्ष)
Local Attraction Compass Survey में एक बहुत सामान्य त्रुटि है, जो पास के चुंबकीय पदार्थों के कारण होती है। अगर इसे ध्यान से न सुधारा जाए, तो पूरा survey गलत हो सकता है।
इसलिए हमेशा:
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Compass के आस-पास धातु की वस्तुएं न रखें
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Bearings की जाँच करें
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Local Attraction मिलने पर correction करें
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Magnetic Declination क्या है? | चुंबकीय विचलन की परिभाषा, प्रकार, कारण और उदाहरण
🔹 परिचय (Introduction)
पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र (Earth’s Magnetic Field) उसके भौगोलिक उत्तर (Geographical North) और दक्षिण ध्रुव (South Pole) से बिल्कुल मेल नहीं खाता।
इसी कारण Compass की सुई (Magnetic Needle) हमेशा सच्चे उत्तर (True North) की ओर नहीं,
बल्कि थोड़ा दाएँ या बाएँ झुककर (East या West) दिशा दिखाती है।
इस कोणीय अंतर को Magnetic Declination (चुंबकीय विचलन) कहा जाता है।
📘 परिभाषा (Definition of Magnetic Declination)
👉 आसान शब्दों में:
जब किसी स्थान पर सच्चे उत्तर (True North) और चुंबकीय उत्तर (Magnetic North) के बीच कोई कोण बनता है,
तो उस कोण को Magnetic Declination कहा जाता है।
यह कोण कभी पूर्व दिशा (East) में होता है और कभी पश्चिम दिशा (West) में।
🧭 True North और Magnetic North में अंतर
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True North (सच्चा उत्तर): पृथ्वी के भौगोलिक उत्तर ध्रुव की दिशा।
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Magnetic North (चुंबकीय उत्तर): वह दिशा जहाँ Compass की सुई का उत्तर सिरा इंगित करता है।
इन दोनों दिशाओं के बीच जो कोण बनता है, वही Magnetic Declination कहलाता है।
⚙️ Magnetic Declination के प्रकार (Types of Magnetic Declination)
| प्रकार (Type) | विवरण (Description) | उदाहरण (Example) |
|---|---|---|
| East Declination | जब Magnetic North, True North के पूर्व (East) में होता है | सुई दाएँ तरफ झुकती है |
| West Declination | जब Magnetic North, True North के पश्चिम (West) में होता है | सुई बाएँ तरफ झुकती है |
👉 उदाहरण:
अगर Compass की सुई True North से 5° East की ओर है,
तो Declination = 5° East
और अगर सुई True North से 3° West की ओर है,
तो Declination = 3° West
🌍 Magnetic Declination होने के कारण (Causes of Magnetic Declination)
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पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की असमानता (Uneven Magnetic Field)
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पृथ्वी की सतह पर चुंबकीय खनिज या चट्टानें (Magnetic Rocks)
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पास के लोहे या विद्युत उपकरण (Power lines, Iron structures)
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समय के साथ पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों की स्थिति बदलना (Magnetic Pole Shift)
🧮 Magnetic Declination का उदाहरण (Example)
यदि किसी स्थान पर —
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True North Bearing = 0°
-
Compass Bearing = 4° East
तो Magnetic Declination = 4° East
📐 Surveying में Magnetic Declination का महत्व (Importance)
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Compass से ली गई दिशा को True Bearing में बदलने के लिए
-
सटीक Mapping और Navigation के लिए
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Civil Engineering, Marine Navigation और Aviation में सटीक दिशा निर्धारण के लिए
अगर Declination का सुधार (Correction) न किया जाए, तो पूरा Survey गलत हो सकता है।
🧾 निष्कर्ष (Conclusion)
Magnetic Declination वह कोण है जो True North और Magnetic North के बीच बनता है।
यह किसी स्थान पर पूर्व (East) या पश्चिम (West) दोनों में हो सकता है।
सर्वेयर और इंजीनियर के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है ताकि वे सटीक दिशा और Bearing प्राप्त कर सकें।
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